उदयपुर। टखमण-28 के गोल्डन जुबली समारोह का समापन हुआ।समापन समारोह के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय विजुअल आर्ट सिम्पोजियम का आयोजन टखमण-28 की कला दीर्घा में चित्रकला की प्रदर्शनी व प्रांगण में मूर्तिकला शिविर मंे निर्मित 20 से अधिक मूर्तिशिल्प व 80 से अधिक कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन सिक्योर मीटर के मेनेजिंग डायरेक्टर संजय सिंघल, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक फुरकान खान, सुरेश शर्मा, लक्ष्मीलाल वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
टखमण में 24 अक्टूबर से मूर्तिशिल्प कार्यशाला व 29 अक्अूबर को चित्रकला कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ था, जिसमें देश ही नहीं विदेश से भी आए कलाकारों ने अपने कलाकर्म से आमजन को अवगत कराया। इस प्रदर्शनी चित्रकारों ने अपनी कूंची से केनवास पर रंगों को लेते हुए अपनी भावनाओं को रंगों के माध्यम से प्रदर्शित किया वहीं मूर्तिकारों ने अनगढ़ पत्थर को छैनी हथोडे से तराश कर एक सुन्दर मूर्तिशिल्प के रूप में तब्दील कर उनमंे जान फूंकी।
प्रो. एल. एल. वर्मा ने टखमण परिसर मंे बनी नवीन कलादीर्घा में आयोजित इस कला प्रदर्शनी का अवलोकन कराया, जहां संजय सिंघल ने सभी कलाकृतियों की प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएं दी। प्रदर्शनी के उपरान्त कला शिविर के समापन समारोह मंे आर. के शर्मा ने मंच संचालन करते हुए सभी कलाकारों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। मंचासीन अतिथियों में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक फुरकान खान ने टखमण के इस कार्यशाला की प्रशंसा करते हुए विदेशी कलाकरों का स्वागत करते हुए कहा कि कला समाज का दर्पण है और कलाकार इस समाज में इसकी भूमिका निभा रहा है और टखमण इस क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका रखता है। कार्यक्रम के दौरान सिक्योर मीटर के संजय सिंघल ने देश विदेश से आए सभी कलाकारों का उदयपुर शहर के आगमन पर हार्दिक स्वागत किया और इस कार्यक्रम मंे अपनी भूमिका देने का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम के दौरान कलाकारों के अतिरिक्त शहर के गणमान्यों के साथ ही ख्याति प्राप्त कलाकार, कला प्रेमी, कला विघार्थी, शोधार्थी एवं आम जन उपस्थित थे।







