सरकारी अनुमति के बावजूद नहीं बनेगा फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म

BY — December 2, 2018

अनंत अम्बानी ने जताई उदयपुर की झीलों के सुधार में सहयोग की जताई इच्छा

उदयपुर। उद्योगपति मुकेश अम्बानी, उनकी पत्नी नीता अम्बानी व पुत्र अनंत अम्बानी द्वारा झीलप्रेमियों के आग्रह को स्वीकार कर पिछोला झील की सतह पर कोई कार्यक्रम नही करने के निर्णय एवं झीलों के संरक्षण कार्यों में योगदान करने की भावना का उदयपुर के नागरिकों ने स्वागत किया है एवं अम्बानी परिवार के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया है।

राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि जंहा अम्बानी परिवार ने उदयपुर की चिंता को समझा वंही राज्य सरकार ने नागरिकों की आपत्तियों व सुझावों को दरकिनार कर झील सतह पर कार्यक्रम की अनुमति दे दी। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार झील पर्यावरण के प्रति पूर्णतः लापरवाह है। इस संदर्भ में रविवार को आयोजित झील संरक्षण समिति की बैठक में अम्बानी परिवार के पर्यावरण व जलस्त्रोतों के संरक्षण व सुधार के प्रति संवेदनशीलता की प्रशंसा की गई।

उल्लेखनीय है कि अम्बानी परिवार के आठ व नौ दिसंबर के विवाह पूर्व समारोह के लिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने लगभग तीन हजार किलो आतिशबाजी , झील की सतह पर एक हजार मेहमानों के बैठने व कार्यक्रम के लिए साढ़े तीन हजार वर्गमीटर के फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म बनाने की प्रशासन से अनुमति मांगी थी । इस पर झील संरक्षण समिति ने राज्य सरकार को ज्ञापन प्रस्तुत कर लिखा कि झील के पर्यावरण तंत्र के साथ छेड़छाड़ की अनुमति नही दी जा सकती है। कोई भी तीव्र लाइटिंग, पटाखे, झील सतह पर बड़ी संख्या में लोगों के बैठने की गतिविधियां प्रदूषण कारी होगी व इनके दूरगामी दुष्प्रभाव होते हैं।

पिछोला झील एक सामुदायिक झील होकर लोक पेयजल स्त्रोत है। इस सार्वजनिक जल संसाधन को किसी निजी कार्य के लिए उपयोग में देने की परंपरा प्रारम्भ हुई तो आये दिन झील सतह पर मैरेज गार्डन बनेंगे और झील तबाह हो जाएगी। राज्य सरकार को याद दिलाया गया कि इस तरह की अनुमति राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णयों की भी अवमानना होगी।

झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने भी प्राधिकरण की बैठक में पत्र प्रस्तुत कर आपत्ति जताई कि झील का पानी व किनारे पक्षियों, मछलियों, उभयचरों के प्राकृतिक आवास है। तेज शोर, लाइटिंग, पटाखों से पक्षियों, मछलियों व आस पास के नागरिकों पर दुष्प्रभाव होंगे। अनंत अम्बानी ने तेईस नवम्बर को उदयपुर आकर समिति को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। उद्योगपति अरविंद सिंघल व गौरांग सिंघल की उपस्थिति में हुई बैठक में समिति के सचिव डॉ तेज राज़दान ने उन्हें पर्यावरणीय पहलुओं व चिंताओं से अवगत कराया। तीन घंटे की बैठक में अम्बानी ने उदयपुर की पूरी झील प्रणाली को समझा , सुधार प्रकिया की जानकारी ली। इस अवसर पर रिलायंस के शीर्ष अधिकारी उमेश भंडारी भी उपस्थित रहे।अनंत अम्बानी ने निर्णय किया कि झील सतह पर कोई फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म नही लगेंगे तथा अन्य कार्यक्रम भी पर्यावरण की सुरक्षा व सुधार को ध्यान में रखते हुए होंगे। देश मे कई स्थानों पर पर्यावरण सुधार के कार्यक्रम चला रहे अनंत अम्बानी ने उदयपुर की झीलों के सुधार में योगदान की भी इच्छा जताई ।

इसके विपरीत उन्तीस नवम्बर को राज्य सरकार ने पर्यावरणीय कानूनों, झीलों पर न्यायालयी निर्णयों को दरकिनार करते हुए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को प्लेटफॉर्म बनाने की अनुमति दे । झील संरक्षण समिति ने तुरंत अम्बानी परिवार को यह अवगत कराया कि राज्य सरकार ने जो इजाजत दी है वह समिति को स्वीकार नही है। मुकेश अम्बानी, नीता अम्बानी तथा अनंत अम्बानी ने तब पुनः स्पष्ट किया कि भले ही अनुमति मिल गई हो, झील संरक्षण समिति व नागरिको की भावनाओ व सुझावों के अनुसार की उदयपुर में आयोजन हो। स्वयं मुकेश अम्बानी ने फोन पर शीर्ष अधिकारी उमेश भंडारी को स्पष्ट किया कि झील सतह पर कोई कार्यक्रम नही होगा। रविवार की बैठक में अम्बानी परिवार के प्रस्तावित पर्यावरण हितैषी विवाह समारोह को उदयपुर के पर्यटन व उदयपुर के नाम को बढ़ाने वाला बताया गया। बैठक में तेज शंकर पालीवाल , नंद किशोर शर्मा ने कहा कि सभी होटल व्यवसायी बड़े समारोहों में पर्यावरण की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखे। इस अवसर पर श्रमदान भी आयोजित हुआ। अमर कुंड क्षेत्र में झील किनारे से कचरा हटाया गया।इसमे रमेश चंद्र राजपूत, मोहन सिंह, पल्लब दत्ता, कुशल रावल, सुमित विजय, मानव सिंह , तेज शंकर पालीवाल व स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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