हिन्दुस्तान जिंक की सखी लाल किले पर समारोह में हुई शामिल

BY — August 15, 2024

भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत उत्पादक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान और उत्तराखंड में अपनी परिचालन इकाइयों में 78वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया। कंपनी द्वारा ध्वजारोहण, वृक्षारोपण अभियान, कर्मचारियों, व्यापारिक साझेदारों और समुदाय के सदस्यों के साथ परेड का आयोजन किया।

कंपनी की प्रमुख महिला सशक्तिकरण परियोजना ‘सखी‘ की पांच सखी महिलाओं को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में खान मंत्रालय द्वारा विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। ये पांच सखी महिलाएं खान मंत्रालय द्वारा ग्यारह विशिष्ट अतिथियों में शामिल थीं। हिंदुस्तान जिंक के सीएसआर कार्यक्रम की परियोजना सखी, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही आदिवासी और ग्रामीण महिला समूहों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए सशक्त बनाता है। कंपनी की सभी इकाईयों में परेड, वृक्षारोपण अभियान, नाटक, नृत्य के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। उल्लेखनीय रूप से विश्वस्तरीय रामपुरा आगुचा खदान में शाफ्ट को तिरंगे कलर की रोशनी से जगमगाने एवं खदान के अंदर की रोशनी को सतह से 400 मीटर नीचे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज से सुसज्जित करना था। भारत की जस्ता, सीसा और चांदी की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक देश की वृद्धि और प्रगति में लंबे समय से भागीदार रही है। उदयपुर स्थित हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने कहा कि, हम आत्मनिर्भर भारत की भावना को साकार करने की ओर अग्रसर हैं, उच्च गुणवत्ता वाले जस्ता, सीसा और चांदी का उत्पादन देश की आर्थिक और विनिर्माण महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से यात्रा के लिए महत्वपूर्ण हैं। हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाकर अपने राष्ट्र के विकास का समर्थन करने और अभिनव उत्पाद समाधानों के साथ विकास को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं। हमारी यात्रा सहयोग, नवाचार और साझा उद्देश्य की है, क्योंकि हम एक मजबूत, हरित और अधिक समृद्ध भारत के निर्माण के लिए मिलकर कार्यरत हैं। खान मंत्रालय द्वारा चयनित सखी दीदियाँ अपने समुदायों और समाज में महिलाओं के लिए उदाहरण हैं।
चयनित पांच सखी महिलाओं में, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की मोना सालवी जो कि 2019 से सखी कार्यक्रम से जुड़ी हैं और चार कपड़ा इकाइयों के समग्र प्रदर्शन की देखरेख करती हैं। उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले की रत्ना सिदकर 2019 से इस कार्यक्रम से जुड़ी हैं और 4000 ग्रामीण महिलाओं की सदस्यता वाली महिला महासंघ – सखी उमंग समिति का नेतृत्व कर रही हैं। वह स्कूलों में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सत्र भी आयोजित करती हैं। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी चांदी उत्पादक है। कंपनी 40 से अधिक देशों को आपूर्ति करती है और भारत में प्राथमिक जस्ता बाजार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 75 प्रतिशत है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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