राजस्थानी सिनेमा महोत्सव और लोक संगीत का महासंगम पर सेमिनार
उदयपुर। पर्यटन कला एवं संस्कृति विभाग जवाहर कला केंद्र जयपुर तथा राजस्थानी सिनेमा विकास संघ के संयुक्त तत्वाधान में राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर सात दिवसीय राजस्थानी सिनेमा महोत्सव राजस्थानी सिनेमा और लोक संगीत का महासंगम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्थानी फ़िल्म निर्माता निर्देशक विपिन तिवारी और राजस्थान लाईन प्रोडूसर मुकेश माधवानी ने राजस्थान सरकार द्वारा बनाई जा रही नई फिल्म पर्यटन नीति के बारे में जानकारी दी।
प्रदेश भर में चलने वाली आयोजन के अंतर्गत उदयपुर में 100 फीट शोभागपुरा रोड अशोका पैलेस में सेमिनार का आयोजन हुआ जिसमें राजस्थानी सिनेमा विकास संघ के संरक्षक और तीसरी, चौसर, पटेल, उड़ान जिंदगी की, बाहुबली राजस्थानी के निर्माता निर्देशक विपिन तिवारी ने राजस्थानी सिनेमा महोत्सव और लोक संगीत पर प्रकाश डाला। तिवारी ने कहा कि उदयपुर में फिल्म सिटी का समर्थ करते हुए कहा कि वैसे तो उदयपुर अपने आप में ही एक फिल्म सिटी है। उदयपुर के पचास किलोमीटर के दायरे में कुदरत की दी हुई ऐसी मन भावन लोकेशन्स है जो हमें यहां रहते हुए भी विदेश में होने का अहसास कराती है। यहां पर छोटी फिल्म सिटी का होना अत्यन्त ही आवश्यक है। उसका कारण है कि यहां पर प्राकृतिक लोकेशन्स तो बहुत ही खूबसूरत है, लेकिन उनके सेट्स नहीं बनाये जा सकते हैं। अगर हमें जयसमन्द की पाल पर शूटिंग करना है, या गुलाबबाग में तो शूटिंग करने के लिए वहां तो जाना ही पड़ेगा, क्योंकि उसका सेट तैयार नहीं हो सकता है। इसलिए शूटिंग को आसान और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए यहां मिनी फिल्म सिटी होगी तो उससे काफी मदद मिलेगी। फिल्म बनाने वालों को वो सारी सुविधाएं उदयपुर में ही मिल जाए तो फिल्म सिटी में मिलती है। ऐसा तभी सम्भव हो सकता है जब उदयपुर में मिनी फिल्म सिटी बनेगी। यदि उदयपुर में फिल्मसिटी का निर्माण होता है तो यहंा के लोक कलाकारों एवं संस्कृति को एक नई पहिचान मिलेगी। इस अवसर पर राजस्थानी सिनेमा विकास संघ के उदयपुर प्रभारी एवं फ़िल्म निर्माता मुकेश माधवानी भी उपस्थित थे। माधवानी ने अपील की कि राजस्थानी सिनेमा और कला संस्कृति लोक संगीत के इस तरह के उत्सव में भाग लेकर आम जन अपना समर्थन दे।