पाहेर विश्वविद्यालय व डीएसटी उदयपुर के तत्वावधान में “क्वांटम युग की शुरुआत: संभावनाएं और चुनौतियाँ” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम विकास, इसकी संभावनाओं और उभरती चुनौतियों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पाहेर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर हेमंत कोठारी ने कहा की , हम एक ऐसे युग के दहलीज पर खड़े हैं, जहाँ क्वांटम प्रौद्योगिकी मानव सभ्यता के स्वरूप को बदलने की क्षमता रखती है। चिकित्सा से लेकर साइबर सुरक्षा तक, इसके अनुप्रयोग अगले औद्योगिक क्रांति के सूत्रधार होंगे। हमारा विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में अग्रणी शोध और शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस नवोदित क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि प्रो. दिलेन्द्र हिरण, फैकल्टी चेयरमैन, पाहेर विश्वविद्यालय ने अपने वक्तव्य में इस बात पर प्रकाश डाला, क्वांटम यांत्रिकी की अवधारणाएँ अब सैद्धांतिक भौतिकी तक सीमित नहीं रह गई हैं। आज यह एक प्रायोगिक विज्ञान है, जो तकनीकी नवाचार की रीढ़ बन रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम अपने पाठ्यक्रमों को इसके अनुरूप ढालें और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। इस संगोष्ठी का उद्देश्य यही जागरूकता का बीजारोपण करना है। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में श्री कैलाश मिश्रा, उप निदेशक, क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, डीएसटी, जयपुर ने भाग लिया। उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और इसके राष्ट्रीय विकास में योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। श्री मनीष जैन, परियोजना अधिकारी, डीएसटी, उदयपुर ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञान संकाय की डीन प्रो. सीमा कोठारी तथा डॉ शिखा वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया और इसके सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने क्वांटम यांत्रिकी के शैक्षणिक पहलुओं और भविष्य के शोध की दिशाओं पर बल दिया। सेमिनार में प्रतिभागियों ने विषय पर अधिकतम 6 मिनट की अवधि में अपनी प्रस्तुति अधिकतम 5 स्लाइड्स या चार्ट्स के माध्यम से दी। प्रस्तुति के उपरांत मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों की विषय समझ का आकलन किया गया। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को अब 30 अक्टूबर 2025 को बेंगलूरु स्थित विश्वेश्वरैया इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम में प्रस्तावित नेशनल साइंस सेमिनार में राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा।












