उदयपुर। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मानसिक तनाव, चिंता, बेचैनी और भावनात्मक थकान आम होती जा रही है। मोबाइल, काम का दबाव, पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ इन सबके बीच मन को शांति देना जैसे भूलते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, विश्व ध्यान दिवस 2025 के अवसर पर उदयपुर में एक विशेष सार्वजनिक एवं निःशुल्क ध्यान आयोजन ‘तत्त्वम ध्यान उत्सव’ आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन की पहल शीतल झोटा सिसोदिया, ध्यान प्रशिक्षक एवं तत्त्वम मेडिटेशन की संस्थापक द्वारा की गई है। उनका उद्देश्य “ध्यान को किताबों और ऐप्स से निकालकर आम लोगों तक ज़मीन पर पहुँचाना है।”

21 दिसंबर को पूरी दुनिया में World Meditation Day मनाया जाता है। इस दिन अलग-अलग देशों और शहरों में लोग एक साथ ध्यान करके शांति, संतुलन और सकारात्मकता का संदेश देते हैं। उदयपुर भी इस वैश्विक पहल का हिस्सा बन रहा है, जहाँ सैकड़ों लोग एक साथ बैठकर सामूहिक ध्यान करेंगे।
शीतल झोटा सिसोदिया के अनुसार, “आज हर उम्र का व्यक्ति मानसिक दबाव में है। बच्चे पढ़ाई के तनाव में, युवा करियर की चिंता में, माता-पिता ज़िम्मेदारियों में और बुज़ुर्ग अकेलेपन में। ध्यान आज ज़रूरत बन चुका है, विलासिता नहीं।” ‘तत्त्वम ध्यान उत्सव’ का उद्देश्य किसी धर्म या पंथ से जुड़ा नहीं है। यह एक सरल, वैज्ञानिक और अनुभवात्मक ध्यान सत्र है, जिसे कोई भी व्यक्ति, किसी भी उम्र का, बिना किसी पूर्व अनुभव के कर सकता है। यह आयोजन विशेष रूप से परिवारों के लिए रखा गया है, ताकि माता-पिता और बच्चे साथ मिलकर मानसिक शांति का अनुभव कर सकें। कार्यक्रम तत्त्वम ध्यान उत्सव रविवार 21 दिसंबर को सुबह 9 से 11 बजे तक जेडीसीए ग्राउंड पर होगा। सभी आयु वर्ग के लिए खुला है।
एक शांत सुबह की ओर आमंत्रण : यह कोई भाषण, प्रवचन या धार्मिक कार्यक्रम नहीं है। यह एक शांत, सरल और गहराई से जुड़ने वाला अनुभव है जहाँ लोग कुछ समय के लिए रुकेंगे, साँस लेंगे और अपने भीतर झाँकेंगे। शीतल झोटा सिसोदिया कहती हैं: “अगर इस आयोजन से किसी एक व्यक्ति को भी मानसिक शांति मिलती है, तो हमारा उद्देश्य पूरा हो जाता है।” उदयपुर के सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे इस अवसर पर अपने परिवार, मित्रों और परिचितों के साथ शामिल हों और इस वैश्विक शांति पहल का हिस्सा बनें।













