हिन्दुस्तान जिंक का चंदेरिया स्मेल्टर बना ‘जिंक मार्क‘ पाने वाला भारत का पहला प्लांट

BY — April 30, 2026

चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर को ‘कॉपर मार्क एश्योरेंस प्रोसेस‘ के तहत भारत का पहला जिंक मार्क प्रमाणन, चंदेरिया प्लांट का ईएसजी के कड़े वैश्विक मानकों पर मजबूत प्रदर्शन
उदयपुर। विश्व की सबसे बडी जिंक और सिल्वर उत्पादक कंपनी, हिन्दुस्तान जिं़क ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर को आधिकारिक तौर पर ‘जिंक मार्क‘ प्रमाणन प्राप्त किया है। भारत में यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह पहला प्लांट है जिसका मूल्यांकन कॉपर मार्क एश्योरेंस प्रोसेस के तहत जिंक मार्क मानदंडों को पूरा करने वाले साइट के रूप में किया गया है। जिंक मार्क एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का मानक है। यह स्वतंत्र रूप से यह जांच करता है कि कोई प्लांट कितनी जिम्मेदारी से काम कर रहा है। इसमें मुख्य रूप से कम कार्बन उत्सर्जन और ऊर्जा की बचत, पानी का सही प्रबंधन और कचरा निपटान, कर्मचारियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों का सम्मान एवं पारदर्शी और नैतिक व्यापारिक नीतियांे पर ध्यान दिया जाता है। वर्तमान में जब पूरी दुनिया में सतत विकास और जिम्मेदारी से धातुओं के उत्पादन की मांग बढ़ रही है, ऐसे में यह प्रमाणन हिन्दुस्तान जिं़क की विश्वसनीयता को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करता है। यह परिणाम, कंपनी द्वारा मजबूत नीतियों और जिम्मेदार परिचालन प्रथाओं के लगातार कार्यान्वयन को दर्शाता है, जो वैश्विक स्तर पर स्थापित पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन मानकों के अनुरूप हैं।

इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, चंदेरिया स्मेल्टर को ‘जिंक मार्क‘ मिलना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य की दिशा को दर्शाता है। हम पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ मेटल उत्पादन की परिभाषा बदल रहे हैं। यह कदम भारत को सस्टेनेबल और जिम्मेदारी से उत्पादित धातुओं के एक भरोसेमंद सप्लायर के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स के सिद्धांतों के अनुरूप, हम अपने सभी कार्यों में जिम्मेदार खनन प्रथाओं को शामिल कर रहे हैं, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में विश्वास को मजबूत कर रहे हैं और धीरे-धीरे भारत को स्थायी रूप से उत्पादित धातुओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित कर रहे हैं।”
कॉपर मार्क और इसका धातु-विशिष्ट जिंक मार्क फ्रेमवर्क एक बहु-हितधारक शासन दृष्टिकोण का पालन करता है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण सामग्रियों के जिम्मेदार उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके एक हिस्से के तौर पर, प्रमाणित स्थल न केवल परिचालन दक्षता में, बल्कि समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डालने और मानवाधिकारों का सम्मान करने में भी मजबूत प्रदर्शन दिखाते हैं। ये प्रमाणन परिचालन स्तर पर प्रदर्शन को मान्य करके और निरंतर प्रगति को बढ़ावा देकर ईएसजी रेटिंग से अग्रणी हैं। हिन्दुस्तान जिंक को हाल ही में एसएण्डपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 में लगातार तीसरे साल दुनिया की सबसे सस्टेनेबल मेटल्स और माइनिंग कंपनी का दर्जा दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य कार्बन उत्सर्जन कम करना, पानी का संरक्षण करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। इस प्रमाणन के साथ, कंपनी ने वैश्विक वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को और भी मजबूत किया है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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