15 दिन तक होंगे विविध जागरूकता कार्यक्रम
उदयपुर। पेसिफिक यूनिवर्सिटी द्वारा उन्नत भारत अभियान के तहत क्षेत्र के 16 गांवों में जन जागरुकता एवं विकास संबंधित 15 दिवसीय विविध गतिविधियों का बुधवार को आगाज़ किया गया। इस कार्यक्रम के मुुख्य अतिथि मध्य भारत एग्रो लिमिटेड के डायरेक्टर पारस सुराणा और ओस्तवाल ग्रुप आॅफ इण्डस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज ओसवाल रहे। इस अंतर्गत ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वावलंबन से संबंधित पहलुओं पर परिचर्चाएं होंगी साथ ही विभिन्न पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग जैसी प्रेरक गतिविधियां करते हुए युवाओं में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

पेसिफिक ग्रुप के राहुल अग्रवाल ने बताया देश का समग्र विकास तभी हो सकता है जब ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक जागरुकता लाकर विकास की मुख्यधारा से गाँवों को जोड़ा जाए। इस उद्देश्य के साथ पेसिफिक विष्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी पुस्तकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम भी हैं। शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए पेसिफिक उन्नत, सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र निर्माण में अपना पूर्ण योगदान दे रहा है।
पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. हेमंत कोठारी ने बताया कि इन चयनित 16 गांवों में ग्रामीण खेलों यथा खो-खो, कबड्डी, गिल्ली-डंडा, कुश्ती, योग और सितोलिया प्रतियोगिताएं होंगी, जिससे ग्रामीण खेलों के प्रति पुनः रुझान बढ़ेगा। यह खेल शारीरिक तंदुरुस्ती बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय सभ्यता, संस्कृति और संस्कार विकसित करने में सहायक हैं और देश को एक सूत्र में बंधने के प्रयास में सहयोगी है।
पेसिफिक समूह के रजिस्ट्रार शरद कोठारी के कहा कि उन्हें गर्व है कि पेसिफिक विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी वाहक बन रहा है। विश्वविद्यालय जिस समर्पण और संवेदनशीलता के साथ ग्रामीण विकास और जन-जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है, वह प्रशंसनीय प्रयास है। गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी से समाज में एक नई चेतना का संचार होगा।
पेसिफिक विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी (उन्नत भारत अभियान) डाॅ. टी. पी. आमेटा ने कहा रोग मुक्त गांव, खुशहाल गांव, स्वच्छ गांव, सुरक्षित गांव तथा उन्नत गांव का संकल्प लेकर पेसिफिक विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न समाजोपयोगी कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों में भी उत्तरदायित्व की भावना बढ़े और वे जिम्मेदार नागरिक की तरह अपने राष्ट्र के प्रति दायित्वों का निर्वहन करें।
कनवेनर (उन्नत भारत अभियान) प्रो. दिलेन्द्र हिरन ने बताया गांवों में प्लास्टिक का न्यूनतम प्रयोग करने, व्यवस्थित कचरा निस्तारण करने, गंदगी न फैलाने, शौचालय का प्रयोग करने, खुले में शौच न करने, सड़क नाली तालाब एवं सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने के प्रति संवेदनशीलता जागृत करने के प्रयास स्थानीय ग्राम पंचायत एवं स्कूल के साथ मिलकर किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विकास को भी गति मिले, इसके लिए रिन्यूएबल एनर्जी के बारे में ग्रामीणों को विस्तारपूर्वक समझाया जाएगा। सोलर पैनल, बायोगैस व पवन ऊर्जा के प्रयोग तथा विविध सब्सिडी की भी जानकारी दी जाएगी।
पेसिफिक विश्वविद्यालय के डा. अनुराग मेहता के अनुसार वर्षा जल संचयन, जैविक खेती और शून्य रसायन प्रयोग, सामूहिक बागवानी इत्यादि विषयों से हरियाली ही अपनी पहचान बने, यह संदेश प्रत्येक गांव में देने का प्रयास पेसिफिक के विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों द्वारा किया जाएगा। पेयजल संबंधित जागरूकता, मच्छरों से बचाव के उपाय, स्वास्थ्य से संबंधित परामर्श, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण अभियान से संबंधित प्रमाणिक जानकारी भी विभिन्न आयोजनों से दी जाएगी। इस अभियान के पोस्टर विमोचन में सभी संकायों के डीन तथा डायरेक्टर उपस्थित थे।















