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भव्य सामैया के साथ साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 का चातुर्मास प्रवेश 19 को

BY — July 17, 2026

दादावाड़ी बनेगी धर्म, साधना और आत्मकल्याण का केंद्र, हाथी-घोड़ों, बैंड-बाजों और श्रद्धालुओं की भक्ति से गूंजेगा शहर
उदयपुर। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक वासूपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट, सूरजपोल बाहर स्थित दादावाड़ी में इस वर्ष का चातुर्मास अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित होगा। विदुषी रत्नसुता साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 का मंगल चातुर्मास प्रवेश रविवार, 19 जुलाई 2026 को भव्य सामैया एवं विशाल धार्मिक आयोजन के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर दादावाड़ी परिसर धर्म, साधना, तप, स्वाध्याय और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा।
ट्रस्ट के अध्यक्ष राज लोढ़़ा ने आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि चातुर्मास जैन धर्म में आत्मचिंतन, संयम, तपस्या और धर्म साधना का सबसे महत्वपूर्ण काल माना जाता है। वर्षा ऋतु के इन चार महीनों में संत-साध्वियां एक ही स्थान पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार, संयम और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष साध्वी डॉ. विध्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 का चातुर्मास सूरजपोल स्थित दादावाड़ी में संपन्न होगा।

सचिव दलपत दोशी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7ः30 से 8ः00 बजे नगर निगम प्रांगण (टाउन हॉल) में आयोजित नवकारसी से होगा। इसके पश्चात प्रातः 8ः00 बजे हाथी, घोड़े, बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों एवं सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में भव्य सामैया निकाला जाएगा। शोभायात्रा टाउन हॉल से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सूरजपोल चौराहा होते हुए दादावाड़ी पहुंचेगी। पूरी यात्रा के दौरान नवकार महामंत्र, जिनशासन के जयघोष और धार्मिक भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
चातुर्मास संयोजक गजेन्द्र भंसाली ने बताया कि दादावाड़ी पहुंचने पर प्रातः 9ः30 बजे साध्वी श्रीजी का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मंगल प्रवेश कराया जाएगा। इसके पश्चात वे भगवान जिनेन्द्र देव एवं दादा गुरुदेव के दर्शन-वंदन कर मंगल आशीर्वचन प्रदान करेंगी। इसके बाद प्रवचन हॉल में आयोजित धर्मसभा में साध्वी श्रीजी श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, संस्कार, आत्मजागरण, आध्यात्मिक उन्नति तथा जीवन मूल्यों पर आधारित प्रेरक प्रवचन देंगी।
सह संयोजक विकास सुराणा ने बताया कि चातुर्मास अवधि के दौरान प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे तक नियमित प्रवचन होंगे। इसके अलावा स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण, तप, आराधना, नवकार महामंत्र जाप, धार्मिक प्रश्नोत्तरी, ज्ञानवर्धक व्याख्यान, युवाओं एवं महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक सत्र तथा विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चातुर्मास के दौरान पर्युषण महापर्व, संवत्सरी, आयंबिल, तप आराधना सहित अनेक विशेष धार्मिक आयोजन भी होंगे।
सह संयोजक सुभाष महात्मा ने बताया कि साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी के सान्निध्य में आयोजित होने वाला यह चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों, सद्भाव, सेवा, संयम और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम भी बनेगा। उनके प्रेरणादायी प्रवचन समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के लिए जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले सिद्ध होंगे। इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से उपाध्यक्ष शैलेन्द्र्र अग्रवाल ने बताया कि 25 जुलाई को दादा जिनदत्त्सूरिश्वर म.सा. की 872 वीं स्वर्गारोहण जयंती पर गुणानुवाद सभा का आयोजन किया जायेगा। प्रवचन 23 से प्रारम्भ होंगे। 28 जुलाई को चातुर्मास स्थापना की जायेगी। इस अवसर पर रैली संयोजक अनिल कोठारी भी मौजूद थे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.