प्रौद्योगिकी व पर्यावरण का चोली दामन का साथ

BY — March 16, 2013

प्रौद्योगिकी विकास से पर्यावरण प्रभावित भी हुआ लेकिन शोध ने निर्मूल साबित किया
पेसिफिक विश्वाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन

160304Udaipur. प्रोद्यौगिकी के विकास से पर्यावरण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिस तरह बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्र्क्चर विकसित हुए हैं, उससे पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचा है। लेकिन वर्तमान के शोध ने इन सब बातों को निर्मूल साबित करते हुए प्रोद्यौगिकी व पर्यावरण के संबंध को चोली दामन के रूप में सिद्ध किया है।

यह तथ्य पे‍सिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी विकास व पर्यावरण सम्बकन्धीय आयोजित दो दिनी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में उभरकर आए। मुख्य वक्ता प्रो. रविन्द्र नागर ने बताया कि हमें सीमेंट को फ्लाई ऐश, मार्बल वेस्ट, ग्रेनाइट वेस्ट, जिंक स्लेग आदि से रिप्लेस करना चाहिए जिससे वातावरण मे उत्पन्न होने वाली रासायनिक गैसों को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग में कैसे हम उर्जा को कम से कम खर्च कर सकते है इस विषय पर भी प्रकाश डाला।
अन्य तकनीक सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. सुनील जोशी व डा. तरूण श्रीमाली ग्रीन कम्प्यूटिंग के महत्व को समझाते हुये सभी अभियांत्रिकी शाखाओं को इको फ्रेंडली और प्रदूषण रहित बनाने के बारें मे बताया। उनके अनुसार रेडियेशन की समस्या को इस तकनीक से काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। प्रो. नन्दवाना ने यांत्रिक अभियांत्रिकी में डिजाइन सोफ्टवेयर की उपयोगिता को वर्जित किया।
प्रो. आर. के. ऐरन के अनुसार कोई भी समायिक अभियांत्रिकी पर्यावरण से हमेशा समावेश करती है। इस समावेश में पर्यावरण और समाज का संतुलन आवश्यक है। इस दो दिन के सत्र में भावी अभियंताओं को विभिन्न विषयों पर ये जानकारी दी गई कि किस प्रकार कम से कम पर्यावरण का नुकसान करते हुये अच्छी अभियांत्रिकी का उपयोग कर सकते है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रोद्यौगिकी और पर्यावरण के विभिन्न आयामों को समझाने में, जीवन में लागू करने की दिशा में एक सार्थक एवं सराहनीय प्रयास है, जिसके दूरगामी परिणाम निश्चित ही परिणामोत्पादक होंगे। और आने वाले समय की जटिलताओं से मानव जाति को सुरक्षित रखने में सहयोग करेंगे। समापन समारोह मे प्रो. एस. के. शर्मा ने दो दिवसीय कार्यक्रम की गतिविधियों को संक्षिप्त में प्रस्तुत किया। अन्त में प्रो. टी. ए. काजी ने सभी प्रतिभागियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया।

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doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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