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कुपात्र नहीं सुपात्र बने: डॉ. कुमावत

BY — May 1, 2013

त्राटक ध्यान का आयोजन

010509Udaipur. आलोक संस्थान के आलोक सी. सै. स्कूल, हिरण मगरी से. 11 में सभी कक्षाओं में त्राटक ध्यान का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के सभी छात्रों तथा अध्यापकों ने भाग लिया। सभी कक्षाओं में त्राटक की तैयारी की गई।

टेबल पर एक थाली में गुलाब के फूलों के बीच मोमबत्ती रखी गई और पृष्ठभभूमि में श्यायमपट्ट पर ऊँ कार लिखा गया। आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि आलोक बीज रूप में उन अच्छाईयों और जरूरतों को विद्यार्थियों में पोषित पल्लवित कर उन्हें समाज का श्रेष्ठअ नागरिक बनाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे कुपात्र नहीं, सुपात्र बने। सुपात्रता ध्यान के माध्यम से विकसित हो सके यहीं मेरा प्रयास है। सभी विद्यार्थियों को अपने बोलने पर ध्यान देना चाहिये। कहां कितने शब्द आवश्यरक हैं उतने ही वहां बोले। तोल-मोल के बोलने की शिक्षा आलोक देता है। सब के प्रति अच्छी भावनाएं और विचार त्राटक ध्यान के माध्यम से आ सके यहीं मेरा प्रयास है। उन्होंने अपने त्राटक ध्यान में छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि अपने बोलने के तरीके से ही हम अपने आप को उन्नति के क्षेत्र में ले जा सकते है न कि गलत भाषा का प्रयोग करने पर। उन्होंने आज-कल के छात्र-छात्राओं के फिजूल के संवादों को मदेनजर रखते हुये कहा अगर हम किसी के लिये बुरा बोलते है या अपशब्दों का प्रयोग करते हैं तो वे शब्द पुन: लौटकर बोलने वाले का ही नुकसान करते है ना कि जिसके लिये बोले गये उसका। सभी छात्र-छात्राओं ने बांसुरी की एवं प्राकृतिक संगीत का आनन्द लेते हुए ध्यान का आनन्द लिया। तत्पश्चाछत् उन्हें छात्र-छात्राओं ने अपने भावों को अपनी डायरी में लिखा।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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