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अब नहीं लगाने पड़ेंगे थानों के चक्कर

BY — December 26, 2014

Police_capनए साल में परिवादी को पुलिस का उपहार, राजस्थान पुलिस ने बनाया विशेष सॉफ्टवेयर, मोबाइल पर मिल सकेगी केस की जानकारी

उदयपुर। अब किसी भी परिवादी को अपने केस की जानकारी के लिए पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्थान पुलिस ने एक विशेष सॉफ्टवेयर बनवाया है जिससे परिवादी को अपने केस की जानकारी के लिए घर बैठक ही अपडेशन की जानकारी मिल पाएगी।

पुलिस महानिदेशक ओमेंद्र भारद्धाज के निर्देशन में बनाए गए इस विशेष सॉफ्टवेयर में केस नंबर व अन्य जानकारी डालने के बाद सबंधित जानकारी परिवादी के मोबाइल पर मैसेज से आ जाएगी। साफ्टवेयर एक जनवरी से काम करना शुरू कर देगा।
इस तरह काम करेगा सॉफ्टवेयर
जानकारी के अनुसार सॉफ्टवेयर में परिवादी से केस रजिस्टर नंबर, मोबाइल नंबर, परिवादी का नाम, जिला रेंज व केस से जुड़ी जानकारियां पूछी जाएगी। कॉलम भरने के बाद परिवादी सबमिट कर देगा। फिर परिवादी के मोबाइल पर ताजा अपडेट जानकारी मैसेज से आ जाएगाी।
इस कारण बनाया गया सॉफ्टवेयर
बताया गया कि मामला दर्ज करवाने के बाद उसके अपडेशन की जानकारी के लिए थानों के चक्कर लगाने की कई बार शिकायतें मिली थी। कई बार जांच अधिकारी उसे चक्कर लगवाते हैं तो कई बार अधिकारी मिलता ही नहीं है। परिवादियों की यह शिकायत आम है कि उनके मामले की कार्रवाई की जानकारी तक नहीं मिल पाती। यहां तक कि बिना जानकारी दिए ही कई बार जांच अधिकारी मामलों पर एफआर लगा देते हैं। इसका फायदा सामने वाले पक्ष को मिल जाता है। ऐसे में परिवादी पुलिस की कार्यशैली से प्रताडि़त रहता है। मामले की जानकारी मिलने के लिए परिवादी को कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए यह नया सॉफ्टवेयर बनाया गया है।
वर्जन
इस नए सॉफ्टवेयर को जनवरी में लांच किया जाएगा। इससे आमजन को फायदा मिलेगा। केस दर्ज होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अफसरों को खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई हो सकेगी। इसका फायदा पुलिस अधिकारियों को भी मिलेगा, क्योंकि वे भी जांच अधिकारी को ऑफिस में बुलाकर केस के बारे में पूछने के बजाए ऑफिस में बैठकर ही पता कर सकेंगे।
ओमेन्द्र भारद्धाज, पुलिस महानिदेशक
इस प्रकार को सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है। संभाग में भी इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।
आनन्द श्रीवास्तव, पुलिस महानिरीक्षक

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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