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नृत्य नाटिका में दिखी भारत की एकता की झलक

BY — January 6, 2017

उदयपुर। कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने ग्रामीण युवाओं का आव्हान किया कि वे गांव के विकास में आगे आकर अपनी सक्रिय भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि युवा ही इस देश को सही राह दे सकता है। युवा देश की धड़कन है और क्रियेटिव कोर्स कर गांवों में अपनी अहम भूमिका निभा सकता है।

वे जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय द्वारा वनशाला शिविर के अन्तर्गत ग्रामीण गोष्ठी समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शशि चितौड़ा ने की। गोष्ठी के दौरान सांस्कृतिक समारोह हुआ जिसमें बीएड, एमएड के छात्र-छात्राओं राजस्थानी, पंजाबी, रिमिक्स, देशभक्ति गानों पर मनमोहन प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर डॉ. शशि चितौडा, शिविर संयोजक डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अमित बाहेती, डॉ. अमी राठौड़,  डॉ. रचना राठौड़, डॉ. अमित दवे, डॉ. हरीश चौबीसा, डॉ. सुनीता मुर्डिया, डॉ. अनिता कोठारी, सहित अकादमिक कार्यकर्ता एवं छात्र छात्राए उपस्थित थे। राधाकृष्ण परिषद् ने राजस्थानी नृत्य, तिलक परिषद् ने दुर्गा नाटिका, टैगोर परिषद ने ओ रे चिरया, जनुभाई परिषद ने नवदुर्गा नृत्य नाटिका, कालीदास परिषद ने मातृ भूमिका नृत्य नाटिका, गिजु भाई परिषद ने रास लीला व कृष्णमूर्ति परिषद ने भागड़ा, कन्या भ्रूण हत्या पर अपनी प्रस्तुतियां दी। संचालन डॉ. देवेन्द्रा आमेटा ने दिया जबकि धन्यवाद डॉ. सरोज गर्ग ने दिया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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