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स्वरूपसागर पर पेड़ों से रिसाव, पाल को खतरा?

BY — January 29, 2017

उदयपुर। पिछोला के अमरकुंड एवं हनुमान घाट पर झील मित्र संस्थान, झील संरक्षण समिति एवं डॉ. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में श्रमदान कर झील क्षेत्र से घरेलू सामग्री व कपड़े, कोल्ड ड्रिंक, पानी व शराब की बोतलें, मालाएं, नारियल, पॉलीथिन व भारी मात्रा में जलीय खरपतवार निकाली।

श्रमदान में मोहनसिंह चौहान, रमेश चंद्र राजपूत, विजय मारू, राम प्रताप जेठी, दीपेश स्वर्णकार,  रामलाल गेहलोत, तेज शंकर पालीवाल व नन्दकिशोर शर्मा ने भाग लिया। श्रमदान पश्चात आयोजित संवाद में स्वरुप सागर की पाल पर पनप रहे पेड़ों से झील के पानी का रिसाव से पाल को आसन्न खतरे पर चिंता व्यक्त की गयी।
डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि स्वरूप सागर की दीवार की मज़बूती का आंकलन किया जाना जरूरी है। झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेज शकर पालीवाल ने कहा कि पूरी स्वरूप सागर की पाल का तकनीकी मुआयना तत्काल किया जाना चाहिए। नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि स्वरूप सागर की पाल पर मीट मार्किट की तरफ पनप रहे पेड़ों से पानी का रिसाव बढ़ा है जिससे पाल को खतरा हो सकता है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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