निःसंतानता के इलाज की नई विधाओं पर हुई चर्चा

BY — March 6, 2022

आईयूआई पर एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित
70 से ज्यादा निःसंतानता रोग विषेशज्ञों ने लिया भाग

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के आईवीएफ विभाग की ओर से आईयूआई पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कषॉप का उद्घाटन पीएमसीएच के चेयरमेन राहूल अग्रवाल, सीईओ षरद कोठारी, पेसिफिक मेडिकल विष्वविधालय के वाइस चॉसलर डॉ.ए.पी.गुप्ता, पीएमसीएच के प्रिसिंपल डॉ. एमएम मंगल, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. राजरानी षर्मा, निःसंतानता रोग विषेशज्ञ डॉ.परिक्षित टॉक एवं पेसिफिक आईवीएफ की साईन्टिफिक डॉयरेक्टर डॉ.मनीशा वाजपेयी ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन करके किया। इस वर्कशॉप में 70 से ज्यादा निःसंतानता रोग विषेशज्ञों ने निःसंतानता के इलाज की नई विधाओं पर अपने विचार रखें।

वर्कशॉप के इस मौके पर निःसंतानता रोग विषेशज्ञ डॉ.परिक्षित टॉक ने निःसंतानता के शीघ्र निदान के बारे में बताया। उन्होनें कहा कि जैसे जैसे निःसंतानता के मरीज दिनो दिन देश मे बढ रहे इन्हे रोकने के लिए हमें प्रारंभिक अवस्था में जॉच की आवश्यकता है जिससे निःसंतानता की जटिलताओं के साथ साथ इसके उपचार की लागत को कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर पेसिफिक आईवीएफ की साईन्टिफिक डॉयरेक्टर डॉ.मनीषा वाजपेयी ने निःसंतानता के क्षेत्र में हो रही नई रिर्सचो का उल्लेख करते हुए बताया कि आईयूआई एक साधारण तकनीक है। इसके द्वारा गुणवत्ता पूर्ण उपचार एवं नई तकनीक का उपयोग करके विफलता के कुछ कारणों से बचा जा सकता है। साथ ही आईयूआई द्वारा इलाज के लिए बड़े सेटअप की आवश्यकता नहीं होती है। छोटी जगहो पर इस उपचार को बढावा देकर निसंतानता की बड़ी समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
वर्कशॉप के दौरान पेसिफिक हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति विभाग की विभागाघ्यक्ष डॉ.राजरानी शर्मा ने बताया कि आईयूआई एक ऐसा उपचार है जो लगभग 50 फीसदी जोड़ों में सफलतापूर्वक मदद कर सकता है। यह आईवीएफ की तुलना में एक आसान और कम खर्चीला विकल्प है और युवा जोड़ों में इसकी सफलता दर अच्छी है, बस इसके लिए सही चुनाव जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ.रमा चुण्डावत ने किया। इस वर्कशॉप मे प्रतिष्ठित निःसंतानता रोग विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और निःसंतानता के इलाज के लिए उपचार की नई विधाओं पर चर्चा की।

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doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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