तीन साल की बच्ची को मिली नई जिंदगी

BY — October 8, 2024

दूरबीन द्वारा निकाली सुपारी
उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के कान नाक एवं गला रोग विभाग के चिकित्सकों ने 3 बर्षीय बच्ची की श्वास नली से सुपारी निकालकर उसे नया जीवन दिया। दरअसल पाली जिले के बाली तहसील निवासी तीन बर्षीय मायरा ने खेलते खेलते सुपारी का टुकडा खा लिया,जो उसकी श्वास नली में फॅस गया। उसे सांस में दिक्कत होने पर स्थानीय अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन जब उसकी हालत बिगडी़,तो परिजन उसे रात 1 बजें पीएमसीएच की इमरजेंसी में लेकर आए। यहां बाल रोग विभाग के डॉ. पुनीत जैन ने उसकी जॉच की और सीटी स्कैन कराया तो पता चला कि बच्ची की सांस नली में कोई वस्तु होने का संदेह हुआ, जिसके बाद कान, नाक और गला विभाग के डॉ. शिव कौशिक को सूचित किया गया। डॉ.शिव कौशिक ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत ब्रोंकोस्कोपी (दूरबीन से ऑपरेशन) करने का निर्णय लिया।

ईएनटी सर्जन डॉ. शिव कौशिक ने बताया कि बच्ची की सांस नली में सुपारी के टुकड़े मिले, जिन्हें कुछ ही मिनटों में निकाल दिया गया। ऑपरेशन सफल रहा और बच्ची को बाद में वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इस बच्ची के सफल ऑपरेशन में कान,नाक एवं गला रोग विभाग के डॉ.एस.एस.कौशिक,डॉ.रिचा गुप्ता डॉ. कश्मीरा, डॉ. तवरिता, डॉ. रक्षित, डॉ. अंतरिखीया, एनेस्थिसिया विभाग के डॉ.समीर गोयल, डॉ. स्वाति, डॉ. इशिता एवं टीम का सहयोग रहा। कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव कौशिक ने बताया कि आमतौर पर इस तरह की समस्या होने पर डॉक्टर ऑपरेशन कर उस चीज को बाहर निकाल देते हैं। लेकिन बच्चे की कम उम्र को देखते हुए ऐसा करना बिल्कुल भी संभव नहीं था। इसके बाद चिकित्सको की टीम ने बच्चे को बेहोश कर दूरबीन द्वारा उसके मुंह के रास्ते से श्वास नली के अन्दर फॅसे हुए सुपारी के टुकड़ों को बाहर निकाला। डॉ.शिव कौशिक ने स्पष्ट किया कि अगर ऑपरेशन में अगर देरी हो जाती तो बच्ची के सुपारी के टुकडों के फूलने के कारण श्वास नली के बन्द होने की बच्चे की जान भी जा सकती थी। बच्ची के माता-पिता ने पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल, एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, सभी चिकित्सकों, मैनेजमेंट, नर्सिंग कर्मियों एवं स्टाफ का आभार जताया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply