जिंक फुटबॉल गर्ल्स एकेडमी ने पहले सीज़न में राजस्थान लीग सीनियर विमेंस ‘ए’ डिवीज़न का खिताब जीता

BY — June 7, 2026

लीग की सबसे युवा टीम (औसत उम्र सिर्फ़ 15 साल 8 महीने) के साथ ऐतिहासिक सफलता हासिल
जयपुर : हिंदुस्तान ज़िंक की ज़िंक फ़ुटबॉल एकेडमी (जेडएफए) ने राजस्थान लीग सीनियर विमेंस ‘ए’ डिवीज़न 2025-26 का चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है। ज़ावर-स्थित एकेडमी की लड़कियों ने शानदार दबदबा दिखाते हुए अपने आखिरी लीग मैच में रियल जयपुर एफसी को 8-0 से हराया और अपना पहला राज्य-स्तरीय खिताब जीता। साथ ही, उन्होंने इंडियन विमेंस लीग 2 (आईडब्लयूएल-2) में ऐतिहासिक प्रमोशन भी हासिल किया। ज़िंक फुटबॉल में गर्ल्स एकेडमी की शुरुआत का यह पहला ही साल है। इस शानदार जीत के साथ जेडएफए ने इस सीज़न में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है; इससे पहले पुरुषों की टीम ने भी राजस्थान लीग सीनियर मेन्स ‘ए’-डिवीज़न का खिताब जीता था। खास बात यह है कि लड़कों की एकेडमी की सफलता को दोहराते हुए, लड़कियों ने टूर्नामेंट की सबसे युवा टीम के साथ यह कारनामा कर दिखाया। एकेडमी की टीम की औसत उम्र सिर्फ़ 15 साल और 8 महीने थी।

राजस्थान फ़ुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कड़े मुकाबले वाले टूर्नामेंट में राज्य की पांच शीर्ष टीमों – रियल जयपुर एफसी, मगन सिंह राजवी एफए, जयपुर सिटी एफसी, रॉयल एफसी जयपुर और ज़िंक फ़ुटबॉल एकेडमी – ने हिस्सा लिया। ज़िंक फ़ुटबॉल की लड़कियों ने पूरी लीग में अपना जलवा दिखाया और 8 मैचों में 7 जीत और सिर्फ़ एक हार के साथ 21 अंक हासिल किए। टीम ने अपने 8 मैचों में कुल 24 गोल किए और सिर्फ़ 5 गोल खाए। आखिरी मैच के दिन जेडएफए के लिए रियल जयपुर एफसी के खिलाफ़ जीतना ज़रूरी था, और इस मैच में लड़कियों की परिपक्वता और हिम्मत साफ दिखी। मिडफील्डर अंतरा डोलुई ने शानदार हैट्रिक (3′, 20′, 35′) के साथ अटैक की कमान संभाली, जबकि विंगर डांगी मार्डी ने बेहतरीन दो गोल (15′, 36′) किए। प्रियंका (27′), जोहा (46′) और बिंदिया कुमारी मीणा (57′) के शानदार गोलों ने प्रतिद्वंद्वी टीम पर 8-0 की ज़बरदस्त जीत पक्की कर दी। इस चैंपियनशिप में ज़ावर की स्थानीय प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन सबसे खास रहा। गीत मीणा, बिंदिया कुमारी मीणा, मनीषा पटेल और सविता कालबेलिया जैसी स्थानीय खिलाड़ियों ने पूरे सीज़न में अहम भूमिका निभाई। इससे यह साबित हुआ कि सही मंच मिलने पर ग्रामीण भारत में भी विश्व-स्तरीय खेल प्रतिभा मौजूद है।
2025 में शुरू हुई ‘ज़िंक फ़ुटबॉल गर्ल्स एकेडमी’ का पहला साल बेहद कामयाब और ट्रॉफ़ी से भरा रहा। राज्य स्तर का यह ऐतिहासिक खिताब जीतने से पहले, ये लड़कियाँ ‘दून कप’, ‘अस्मिता लीग कप’ और ‘डीएवी अंडर-19 नेशनल्स’ भी जीत चुकी थीं। इस तरह, 12 महीने से भी कम समय में यह उनकी चौथी बड़ी जीत थी। राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी और राजस्थान ओलंपिक्स एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी, दिलीप सिंह शेखावत ने कहा, “मैं ज़िंक फ़ुटबॉल गर्ल्स एकेडमी को शानदार जीत पर बधाई देता हूँ। मुझे बहुत खुशी है कि उदयपुर की अत्याधुनिक एकेडमी की सबसे युवा टीम ने राजस्थान की शीर्ष टीमों के साथ कड़ा मुक़ाबला किया और सीनियर महिला लीग जीती। इसमें कोई शक नहीं कि ये प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी राजस्थान और पूरे भारत में फ़ुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम उन्हें शुभकामनाएँ देते हैं।”
2017 में स्थापित ‘ज़िंक फुटबॉल एकेडमी’,’वेदांता ज़िंक फ़ुटबॉल एंड स्पोर्ट्स फ़ाउंडेशन’ का हिस्सा है। यह ‘हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड’ (एसजेडएल) की एक सामाजिक पहल है और इसने ग्रामीण भारत से फ़ुटबॉल की ज़मीनी प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभाई है। ज़ावर में स्थित, एआईएफएफ से मान्यता प्राप्त इस 3-स्टार एकेडमी ने अपनी शुरुआत से अब तक 5,000 से ज़्यादा युवा फ़ुटबॉल खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी है। यह संस्थान लड़कियों के लिए भारत की सबसे बड़ी रेजिडेंशियल फ़ुटबॉल एकेडमी भी है, जो बेहतरीन ट्रेनिंग का माहौल देती है। खेल के मैदान के अलावा, एकेडमी विकास के समग्र दृष्टिकोण को अपनाती है, जिसमें बेहतरीन एथलेटिक कोचिंग के साथ-साथ मज़बूत एकेडमिक सपोर्ट और व्यक्तित्व विकास के व्यापक कार्यक्रम शामिल हैं। जेडएफए युवा फुटबॉल के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित संस्था के रूप में उभरी है, जिसने एआईएफएफ युवा लीग जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। अकादमी की बढ़ती प्रतिष्ठा साहिल पूनिया, प्रेम हंसदक और राजरूप सरकार जैसे खिलाड़ियों की सफलता की कहानियों में भी झलकती है, जिन्होंने विभिन्न आयु वर्गों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
वेदांता समूह की कंपनी और विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता उत्पादक कंपनी, हिंदुस्तान जिंक, विभिन्न सामाजिक हस्तक्षेपों और सामुदायिक विकास पहलों के माध्यम से समग्र सामुदायिक विकास के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है। यह शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास करने, स्थायी आजीविका को सक्षम बनाने, महिलाओं को सशक्त बनाने, स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है। 4,100 से अधिक गांवों में फैली अपनी उपस्थिति के साथ, हिंदुस्तान जिंक 26 लाख से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से बदल रहा है और समावेशी विकास और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। द फुटबॉल लिंक द्वारा रणनीति और कार्यान्वयन भागीदार के रूप में समर्थित, यह अकादमी राजस्थान और भारतीय फुटबॉल दोनों के सुधार के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता दर्शाती है। इसने लगभग पांच दशकों से खेल को बढ़ावा दिया है, जिसकी शुरुआत 1976 में ज़ावर स्थित अपने फुटबॉल स्टेडियम से हुई थी, जहां वार्षिक राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित होते रहते हैं। फुटबॉल के अलावा एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेलों में भी कंपनी जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं का पोषण करती है। इसके वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन ने उदयपुर को वैश्विक दौड़ मानचित्र पर एक खास स्थान दिलाया है। ‘द फुटबॉल लिंक’ के स्ट्रैटेजी और इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर के तौर पर सहयोग से चल रही यह अकादमी, ग्रासरूट लेवल पर बेहतरीन काम करने और राजस्थान व भारतीय फुटबॉल को बेहतर बनाने के लिए हिंदुस्तान जिंक की प्रतिबद्धता को दिखाती है। इसने लगभग पांच दशकों से इस खेल को बढ़ावा दिया है; इसकी शुरुआत 1976 में ज़ावर में बने फुटबॉल स्टेडियम से हुई थी, जहाँ आज भी हर साल नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट होते हैं। फुटबॉल के अलावा एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेलों में भी कंपनी ग्रासरूट लेवल पर टैलेंट को निखारती है। इसकी ‘वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन’ ने उदयपुर को ग्लोबल रनिंग मैप पर पहचान दिलाई है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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