Fri, September 18, 2026
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गत वित्त वर्ष में हिंदुस्तान जिंक में 3.2 करोड़ टन अयस्क संसाधन एवं भंडार

BY — September 17, 2026

एक्सप्लोरेशन की सफलता दर 88 प्रतिशत से अधिक, वित्त वर्ष 2025-26 में 464 किलोमीटर से अधिक ड्रिलिंग पूरी, लगभग हर 10 में से 9 ड्रिल होल में प्राप्तह हुुआ खनिज, रिकॉर्ड उत्पादन के साथ अयस्क भंडार में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि, कुल भंडार बढ़कर 21.91 करोड़ टन
उदयपुर। दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी और वैश्विक स्तर पर शीर्ष दस चांदी उत्पादकों में शामिल हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में 3.2 करोड़ टन (32 मिलियन टन) सकल अयस्क संसाधन एवं भंडार जोड़कर अपने खोज एवं एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम की मजबूती को साबित किया है। कंपनी ने इस अवधि में 464.32 किलोमीटर ड्रिलिंग पूरी की, जिसमें 88 प्रतिशत से अधिक ड्रिल होल में मिनरलाइजेशन पाया गया।

यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है जब कंपनी ने उत्पादन के क्षेत्र में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2025-26 में हिंदुस्तान जिंक का खनित धातु उत्पादन 11.14 लाख टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी के अयस्क भंडार में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह बढ़कर 21.91 करोड़ टन हो गया, जो पिछले वर्ष 18.91 करोड़ टन था। कंपनी के कुल संसाधन एवं भंडार बढ़कर 46.86 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे 25 वर्षों से अधिक की खदान आयु और कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए कच्चे माल की मजबूत उपलब्धता सुनिश्चित होती है।
खनन उद्योग में एक्सप्लोरेशन केवल निकाले गए अयस्क की पूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य की वृद्धि के लिए अतिरिक्त भंडार तैयार करने के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। रिकॉर्ड उत्पादन के साथ-साथ संसाधनों और भंडार में लगातार वृद्धि यह दर्शाती है कि हिंदुस्तान जिंक की मौजूदा खदानों में भविष्य के लिए भी पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का धातु भंडार 1.39 करोड़ टन रहा, जो भूमिगत खनन अपनाने के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेन्दु प्रकाश ने कहा कि, किसी भी खनन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए मजबूत संसाधन आधार बेहद महत्वपूर्ण है। हम हिन्दुस्तान जिं़क 2.0 की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और एक्सप्लोरेशन के जरिए एक तरफ खनन से निकली मात्रा और भंडार भी बढ़ा रहे हैं तथा अपनी परिसंपत्तियों की भविष्य की संभावनाओं को और मजबूत बना रहे हैं। रिकॉर्ड उत्पादन वाले वर्ष में 3.2 करोड़ टन संसाधन एवं भंडार जोड़ना हमारी खदान परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक क्षमता को दर्शाता है। हम तकनीक आधारित अन्वेषण में निवेश जारी रखेंगे और हिंदुस्तान जिंक के अगले विकास चरण के लिए मजबूत संसाधन आधार तैयार करेंगे।
हिंदुस्तान जिंक का एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम उन्नत भू-भौतिकीय और भू-रासायनिक तकनीकों, त्रि-आयामी भूवैज्ञानिक मॉडलिंग तथा डेटा आधारित विश्लेषण के साथ व्यापक ड्रिलिंग को जोड़ता है। इसका उद्देश्य मौजूदा खनिज क्षेत्रों के विस्तार का पता लगाना और नए संसाधनों की संभावनाएं तलाशना है। वित्त वर्ष 2025-26 में ड्रिल किए गए 88.08 प्रतिशत होल में मिनरलाइजेशन मिला, जो कंपनी की सटीक और प्रभावी एक्सप्लोरेशन रणनीति को दर्शाता है।
दीर्घकालिक विकास रणनीति के तहत कंपनी तेज गति से एक्सप्लोरेशन, संसाधनों को भंडार में बदलने और गहराई तक खोज गतिविधियों के माध्यम से अपने धातु भंडार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे भविष्य के विस्तार के लिए आवश्यक संसाधन आधार मजबूत होगा।
जिंक, सीसा और चांदी के अलावा हिंदुस्तान जिंक अपने अयस्क भंडारों में मौजूद अन्य खनिजों की संभावनाओं का भी मूल्यांकन कर रही है। कंपनी का लक्ष्य केवल जिंक-लेड-सील्वर उत्पादक बने रहने के बजाय मल्टी-मेटल कंपनी के रूप में विकसित होना है। यह रणनीति भारत के विनिर्माण, बुनियादी ढांचा और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण धातुओं की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने में भी योगदान देगी।
दुनिया के सबसे बड़े जिंक-लेड संसाधन आधारों में से एक के साथ, हिंदुस्तान जिंक का एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम कंपनी की भविष्य की वृद्धि और क्षमता विस्तार का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी अपनी सहायक इकाई हिंडमेटल एक्सप्लोरेशन सर्विसेज के माध्यम से मौजूदा जिंक-लेड-सील्वर परिचालनों से आगे बढ़कर नए खनिज क्षेत्रों में भी अन्वेषण गतिविधियां बढ़ा रही है, जिससे एक मजबूत और विविधीकृत मल्टी-मेटल पोर्टफोलियो तैयार किया जा सके।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.