उदयपुर। पेसिफिक विश्वविद्यालय के पेसिफिक पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं पेसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट महाविद्यालय में अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के निदेशक डॉ. मुकेश श्रीमाली ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सभी संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें विद्यार्थियों ने अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी मॉडल एवं प्रोजेक्ट तैयार किए।
प्रतियोगिता में पेसिफिक पॉलिटेक्निक महाविद्यालय से प्रथम स्थान पर हिमांशु नाथ चौहान, देवेन्द्र सिंह, लोकेश जटिया, द्वितीय स्थान पर अयान मंसूरी तथा तृतीय स्थान पर लकी चौधरी, शंकर प्रजापत, पार्थ पाटीदार व उनकी टीम रही। पेसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट महाविद्यालय से प्रथम स्थान पर नितिन, हर्ष, शुभम, चेना राम, द्वितीय स्थान पर विकास सिंह,युवराज सिंह,हिमांशु ठाकुर, फरहान खान तथा तृतीय स्थान पर निशिता मीणा रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज जोशी, मैनेजिंग डायरेक्टर मोल्ड मेकर्स ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्किल डेवलपमेंट की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि वे अपने भीतर अधिक से अधिक कौशल विकसित कर सफल उद्यमी बन सकें और दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को सदैव सजग और सतर्क रहना चाहिए तथा समाज के विकास में एक अभियंता के रूप में अपना योगदान अवश्य देना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. टी. पी. आमेटा फैकल्टी चेयरमैन सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नवाचार, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुपयोगी वस्तुओं के रचनात्मक उपयोग के माध्यम से नए एवं उपयोगी मॉडल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, नवाचार एवं उद्यमिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस प्रतियोगिता के निर्णायक श्री राजेश लोहार,गजेन्द्र पालीवाल तथा ठाकुर प्रसाद मेघवाल थे। अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज श्रीमाली ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरय्या के जीवन से प्रेरणादायक घटनाओं एवं उनकी उपलब्धियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वर्षा चौधरी द्वारा किया गया।