उदयपुर। साइबर क्राइम के लगातार बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए राजस्थान पुलिस एक्शन मोड में लोगों को जागरूक कर रही है। राजस्थान पुलिस द्वारा सितंबर माह में साइबर क्राइम के विरुद्ध राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस मुहिम में लोगों को साइबर क्राइम और इससे बचाव के उपाय के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस मुहिम में मेवाड़ बचाओ मंच भी साथ जुड़कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साइबर क्राइम के इस अभियान में उदयपुर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मेवाड़ बचाओ मंच के संस्थापक अध्यक्ष अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अब्दुल रहमान के निर्देशन में उदयपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान को सफल बनाने में डीवाएसपी साइबर क्राइम श्याम सिंह रत्नू का महत्वपूर्ण योगदान रहा। लोगों ने साइबर क्राइम के मामलों के बारे में खुलकर बात की और कहा कि फर्जी कॉल और सही कॉल में सत्यापन मुष्किल होता है और भावनात्मक बात करके लोगों से ठगी की जाती है। साइबर क्राइम टीम ने लोगों से कहा कि किसी तरह की लालच में नहीं आकर स्वयं जागरूक होना और अपने परिवारजनों को जागरूक करना होगा।
अभियान के अंतर्गत प्रतापनगर थाना के सहयोग से श्री बोहरा गणेश जी मार्केट में व्यापारियों एवं आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। उदयापोल क्षेत्र के बस स्टैंड पर बस परिचालकों एवं यात्रियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए गए। पेसिफिक यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के लिए विशेष साइबर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें साइबर अपराधों से बचने, पहचानने और उनसे मुकाबला करने की महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। इसमें विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता पेम्पलेट्स का वितरण भी किया गया। जागरूकता सत्रों में अभिषेक पांडेय, डायरेक्टर, रॉयल बैंक ऑफ़ स्कॉटलैंड एवं दिव्यराज सिंह, मास्टर ट्रेनर, भारत सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। साइबर एक्सपर्ट वैशाली डांगी और मेवाड़ बचाओ मंच की ओर से निधि गुप्ता, शिखा गुप्ता, दीपेश शर्मा एवं चिराग ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रतापनगर थाना से जयपाल सिंह, जीवली रोट एवं रमेश चंद्र मीणा तथा उदयपोल थाना से करण सिंह झाला एवं भारमल विश्नोई ने अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।