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60‍ दिन मजदूरी के मात्र 3900 रुपए

BY — June 26, 2012

नन्हे हाथ कलम के साथ अभियान

उदयपुर। राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के सहयोग से चलाये जा रहे नन्हे हाथ कलम के साथ अभियान के तहत कारवां दल कल नेवज पहुंचा जहां ग्राम पंचायत की अदकालिया निवासी काली (12) पुत्री भगाराम गमार ने गुजरात में बीटी कॉटन के बाल मजदूरों के साथ आपबीती सुनाई।

उसने बताया कि गतवर्ष रिश्ते का मामा बद्रीलाल मंजू पुत्री अर्जुन गमार के साथ करीब 30 बच्चों को गुजरात पाटन के नया गांव के सेठ के खेत पर टोड़ी बांधने ले गया था। काली ने बताया कि सुबह 4 बजे से ही आंख मलते हुए कपास के खेतों में नर फूल की कटाई कर मादा फूल में क्रास कराने व टेपिंग (टोडी बांधना) का कार्य लगातार 1 बजे तक बिना कुछ खाए-पिए करते थे। फिर अपने हाथों से ही खाना बनाकर पुन: 2-7 बजे तक बिना रुके खेतों की निराई-गुडाई करते इस तरह हर रोज 12 घण्टे तक काम करना पडता था। जानवरों की तरह जिन्दगी बसर करनी पडती थी।
काली ने बताया कि मेरी 60 दिन की पगार मात्र 3900 रुपए दिये और शेष राशि भोजन की काट ली। बी.टी कपास के खेतों का दर्द उसकी आंखों में साफ झलक रहा था। काली ने कहा कि वह आगे कभी बी.टी. कपास के खेतों में काम करने नही जाएगी। सरपंच प्रभुलाल गरासिया ने कहा कि स्कूल खुलते ही काली को स्कूल में दाखिला दिलाया जायेगा।
फिर दल गैंजवी पहुंचा। सरपंच गंगादेवी, सचिव भैरूलाल मेघवाल से मुलाकात कर दो टोलियों में विभक्त होकर राजस्व गावं गेजवी, गालदर, जेतीवाडा, धडला, कीतावती का बास, दिमडी, बांगली गावं में घर-घर दस्तक देकर 65 शिक्षा से वंचित बच्चों के परिजनों से समझाईश कर 2 जुलाई से प्रारम्भ हो रहे सत्र से नियमित स्कूल भेजने के लिए समझाईश की। गेजवी का 12 वर्षीय श्रवण कुमार 9 वर्षीय वसु कुमारी के पिता की मौत 4 वर्ष पूर्व हो गयी थी तथा दो वर्ष पूर्व मां भी बीमारी से चल बसी। इन बच्चों  का पालनहार योजना के आवेदन तैयार कर ताऊ लालू/वक्ताराम को पालनहार बनाया गया। गडला की ककूरीबाई के पति हूजाराम की एक माह पूर्व मौत हो गई है, का बाल मित्रों ने विधवा पेंशन के आवेदन तैयार किये। विकलांग पेंशन के सोहनसिंह/तेजसिंह गरासिया (15) जो दोनों पैरों से विकलांग गंगा कुमारीपुत्री फतेसिंह (15) हाथ-पैर से विकलांग, भैरोंसिंह/प्रेमसिंह गरासिया विकलांग छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार कराए गए। कारवां दल के समन्वयक सीताराम गुर्जर, ताजूराम ने बताया कि सोमवार को विरोठी के नयागांव में कुछ बच्चों के गुजरात जाने की सूचना मिलने पर उनके परिजनों से समझाईश कर बीटी कॉटन के खेतों में हानिकारक रसायनों के उपयोग की हानियां बताते हुए कहा कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। विरोठी में देर रात तक शिक्षाप्रद फिल्म का प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक एवं कठपुतली के प्रदर्शन से माहौल शिक्षामय हो गया। गांधी मानव कल्याण सोसायटी के कमलेश गर्ग, गौरीशंकर, महान सेवा संस्थान के जगदीश लोहार, धर्मेन्द्र, सुरेश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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