कोटडा के आदिवासियों की जागी उम्मीदें

BY — December 7, 2011

सिंचाई परियोजना को मंजूरी से मिलेगा पानी

file photo

udaipur. आजादी के 63 साल बाद उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र के 15 गांवों के आदिवासी अब खुश हैं कि उन्हें पेयजल की अच्छी सुविधा मिलेगी और उनके खेतों को सिंचाई का पानी मुहैया होगा। यह संभव हुआ गहलोत सरकार के उस फैसले से जिसमें उसने साबरमती सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी है।
जिला मुख्यालय से करीब 130 किलोमीटर दूर कोट$डा क्षेत्र के क्यारा, बिकरनी, डेप, धधमता, सांडमारिया, कोलिया, छापरिया, नयावास, कागवास एवं खजूरिया आदि पन्द्रह गांवों की खेती केवल बरसात पर निर्भर थी। बरसात हुई तो आदिवासी किसान के घर कुछ खुशहाली होती थी और बरसात नहीं होती तो किसान आसमान की ओर देखने को मजबूर था।
पडोसी राज्य गुजरात में बहकर जाने वाले पानी को रोकने के लिए कोट$डा क्षेत्र के ग्राम आंजनी में साबरमती परियोजना के निर्माण का निर्णय किया गया है। निर्णय हुआ तो परियोजना निर्माण का काम भी शुरु हो गया। यह योजना वर्ष 2011 में स्वीकृत की गई जिसके लिए 29 करोड 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया।
परियोजना निर्माण से अनुमान है कि 655 मिलियन घन फुट पानी पेयजल के लिए उपलब्ध होगा जिससे यहां की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। साथ ही इन गांवों में करीब 956 .85 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा विकसित होगी जिससे कृषि उत्पादन बढेगा और काश्तकारों के यहां समृद्घि के द्वार खुलेगें।
आदिवासियों के उत्थान के लिए कोटडा क्षेत्र में ही रोहिणी गांव के पास इसी वर्ष 952.64 लाख रुपये से रोहिणी सिंचाई परियोजना भी स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इस परियोजना से अनुमान है कि 68 मिलियन घन फुट पानी कोट$डा क्षेत्र के मांडवा, कोदरमाल, बारवेल, आंजनी और झांझर आदि गांवों को पेयजल के लिए उपलब्ध होगा। साथ ही पूर्व निर्मित सेई पिकअर वियर से निकली नहर का भी उपयोग होगा जिससे 276 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विकास होगा।
udaipur hindi news

udaipurnews

Print Friendly, PDF & Email
Tags: , ,
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *