स्वरांजलि में गूंजे सुरीले नगमे

BY — December 11, 2011
कार्यक्रम में प्रस्‍तुति देते क्‍लब अध्‍यक्ष सुखवाल।

udaipur. म्यूजिक लवर्स क्लब द्वरा मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित संगीतमय स्वरांजलि-2011 में 60 के दशक से लेकर आधुनिक जमाने तक के गाने सुनने को मिले। संगीतमय शाम की शुरूआत टी.एस. सोडा द्वारा मधुर आवाज में अमीर खुसरो के सुफियाना कलाम ‘छाप तिलक सब छोड़ी रे मोहे नैना मिलाये के’ प्रस्तुत किया तो हॉल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। तत्पश्चात क्लब अध्यक्ष आर. के. सुखवाल ने  1967 मे बनी दुल्हन एक रात की फिल्म का मोहम्मद रफी का गाया गया गीत ’एक हंसी शाम..‘, सी. एम. दत्ता ने 1942 ए स्टोरी फिल्म का गाना ’कुछ ना कहो..‘, श्रीमती राजेन्द्र चौहान द्वारा मिताली के गाये ’इतने फूल खिले इस दिल में हम घर को सजाना भूल गये..‘,अहमद फराज द्वारा लिखित तथा मेहन्दी हसन की गायी गज़ल ’अब के हम बिछड़े ..‘ को जब डॅा. मुरली सांखला ने हारमोनियम पर प्रस्तुत किया तो समां बंध गया। शंकर महादेवन के गाये गये ब्रेथ लैस गाने को ’कोई तो मिला जब ..‘, सुरीली आवाज में गायिका पूजा लाडिय़ा ने गाया तो सभी धडक़ने ठहर सी गई। लता व मुकेश द्वारा गाये ड्यूट गीत ’सा रे गा मा पा ..‘को चक्सू पण्ड्या व मानसी पण्डय़ा ने, कोमल जोशी ने फिल्म अभिमान का गीत ’अब तो है तुमसे..‘, अमित मोदी ने चिन्मय दीक्षित व अरूण सनाढ्य ने ड्यूट गीत ’मैं जहां रहूं ..,‘डॉ.नीरव हिंगड़ ’ बदन पे सितारे लपेटे हुए..,‘ अनिता सुखवाल व आर.के.सुखवाल ने ड्यूट गीत ’आधा है चन्द्रमा..,‘ की शानदार प्रस्तुति दी। डॉ. प्रेम भण्डारी व सहयोगियों ने कोरस गीत ’मांजी रे मांजी..,‘ आदि प्रस्तु्त किए।    इसके अलावा डॉ.  पामिल मोदी, डॉ. विश्वास मेहता, डॉ. सुषमा जोशी, डॉ. इकराम कुरैशी, पी.के.खमेसरा, घनश्याम जोशी, प्रियवत पण्ड्या, अरूण सनाढ्य, दिव्य सांखला, एस.के.महाजन तथा राजेश टण्डन ने गीतों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।

कार्यक्रम में मौजूद दर्शक।

प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत करते हुए क्लब अध्यक्ष आर.के.सुखवाल ने कहा कि इस बड़े जहां में हम संगीत प्रेमियों ने झीलों की नगरी में संगीत की एक दुनिया बनायी जो 11 पूर्व प्रारम्भ हुई। अब तक क्लब द्वारा 4 स्वंराजलि कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके है यह पांचवां कार्यक्रम है। इस संगीतमय कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकार क्लब सदस्य है। बाहर से किसी को आमंत्रित नहीं करते है। सचिव डॉ. विनय जोशी ने कहा कि यह क्लब 7 सुरों के सरगम की माला है जिसमें कोई प्रोफेशनल गायक नहीं हो कर चिकित्सक, उद्योगपति, राजनीतिज्ञ, बैंकर्स सदस्य के रूप में शामिल है। इससे पूर्व कार्यक्रम के अतिथियों जिला जज महेन्‍द्र माहेश्वरी, कर्नल माथुर, देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला, वरिष्ठ आईएएस विश्वास मेहता,  राज्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. प्रियव्रत पण्ड्या ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। समारोह में सुर, संगीत ताल का संगम तबला, सेक्सोफोन, ड्रम, गिटार, केशियो,  ऑक्टोपैड, कॉंगो पर देखने को मिला जब सुरीले गीतों की जब एक के बाद एक प्रस्तुति हुई तो उपस्थित श्रोताओं ने तालियों के साथ जमकर दाद दी।

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doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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