राजस्थान अपनाए गो संरक्षण का पंजाब मॉडल
पंजाब गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र राजपुरोहित से बातचीत
उदयपुर। पंजाब गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने कहा कि गोवंश के संरक्षण के लिए राजस्थान को पंजाब मॉडल अपनाना चाहिए। पंजाब में गो तस्करी को रोकने के लिए सभी टोल नाकों पर गो स्कैनर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
वे यहां शनिवार को राजस्थान विद्यापीठ के जनपद मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने इससे किसी भी वाहन से हो रही गो तस्करी के आसानी से रोका जा सकता है। राजस्थान में भी राज्य सरकार को इस पर अमल करते हुए सभी टोल नाकों पर गो तस्करी विजिलेंस शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण के लिए सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा, अब जमीनी स्तर पर प्रयास करने होंगे। गो हत्या को रोकने के लिए सभी राजनीतिक दल व जाति-समाज मिल कर राजस्थान में संयुक्त टास्क फोर्स बनाएं। पंजाब में गो संरक्षण के लिए आईजी रेंज के अधिकारी के नेतृत्व में गो तस्करी टास्क फोर्स का गठन किया गया है जो पूरे प्रदेश में कार्य करती है। इसका मकसद गो तस्करी पर लगाम कसना है। इसमें प्रदेश से लेकर ग्राम स्तर तक कमेटियां सभी स्तरों पर निगरानी करती है। इसके अलावा पंजाब की गो शालाओं के बिजली व पानी के बिल माफ हैं। राजस्थान में भी ऐसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पूर्ववती वसुंधरा सरकार में जिला गो वंश विकास अधिकारी नियुक्त किए गए थे जिन्हें राज्य सरकार ने हटा दिया। ऐसे में गो संरक्षण का लक्ष्य कैसे हासिल किया जा सकता है?
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Rajendra Singh Ji ki slah vastv mai rashtr hit mai hai . Rajkasthan govt ko vichar krna chahiye. Gou mata bachegi to bharat ka yuva mjboot hoga