आयड़ व झीलों के विकास को तैयार उदयपुर के बिल्डर्स

BY — July 8, 2012

उदयपुर बिल्डर्स एसोसिएशन ने मनाया प्रथम स्थापना दिवस

मिराज ग्रुप के पालीवाल को उदयपुर गौरव, छाबड़ा को उदयपुर रत्न

उदयपुर। उदयपुर बिल्डर्स एसोसिएशन अपनी व्यावसायिक गतिविधयों से हटकर जनहित में उदयपुर के विकास पर कुछ नया कर गुजरने की चाहत में आयड़ नदी के साथ-साथ वह शहर के चहुंमुखी के विकास को आतुर है।

एसोसिएशन ने प्रथम स्थापना दिवस पर होटल इन्दर रेजीडेन्सी में ‘उदयपुर के शहर के विकास पर एक बात’ को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शहर के जनप्रतिनिधयों, प्रशासनिक अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों ने भाग लेकर एक मंच से शहर के चहुंमुखी विकास को लेकर मुखर हुए।
यूडीएच के सलाहकार एच. एस. संचेती ने बताया कि शहर का नया मास्टर प्लान बनाया जा रहा है जिसकी तैयारी प्रारम्भ कर दी गई है। सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त अभियन्ता आर. के. चतुर ने कहा कि साबरमती बेसिन में जाने वाले पानी को रोकने के लिये सरकार को देवास 3 व 4 के लिये राशि स्वीकृत कर उसकी डीपीआर बनायी जानी चाहिए।
प्रन्यास सचिव डॉ. आर. पी. शर्मा ने कहा कि शहर के नेटवर्क को सुधारना अति आवश्यक है। इस ओर हमें ध्यान देना चाहिये। शहर का अधिकतर विकास स्टे लिए लोगों के कारण अवरूद्ध है। इस पर विचार किया जाना चाहिये। 26 किमी. लम्बी आयड़ नदी पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसकी डीपीआर भी नहीं बन पाई है। सीवरेज की डीपीआर तैयार कर ली गई है जिसके लिये शीघ्र ही टेण्डर किए जाएंगे।
एसोसिएशन अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि लम्बे समय से आयड़ नदी के विकास पर अनेक योजनाएं बनी और धन भी व्यय हुआ, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब एसोसिएशन अब इसे जनहित में प्रथम मुद्दा बनाते हुए प्राथमिकता के साथ इसका विकास करने हेतु आगे आई है। इसके अलावा एसोसिएशन प्रन्यास व भूमि खातेदारों के मध्य रोड नेटवर्क को लेकर आ रही समस्याओं के समस्या के समाधान हेतु पहल की, वहीं शहर के ह्दय स्थल बापू बाजार, सूरजपोल, उदियापोल में आ रही पार्किंग समस्या के समाधान के लिए मल्टी मेकेनिकल पार्किंग कॉम्पलेक्स एंव ओवरब्रिज शीघ्र बनाये जाने की मांग की।
श्याम बी.गुप्ता ने बढ़ती जनंसख्या को देखते हुए अधिक जमीन की आवश्यकता होगी लेकिन शहर में जमीन की कमी को देखते हुए शहर में महानगरों की तर्ज पर बहुमंजिला इमारतों के निर्माण पर सरकार को अनुमति देने पर विचार करना चाहिए। रियल एस्टेट ने पिछले 5 वर्षों में काफी वृद्धि की है। शहर की जीडीपी में यह उद्योग महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शहर में प्रतिवर्ष बढ़ रही 24000 लोगों की जनसंख्या के लिये शहर में प्रतिवर्ष रॉ हाऊसेस में रहने के लिये 8 हजार मकान की आवश्यकता होगी और उसके लिये 700 बीघा जमीन की तथा मल्टी स्टोरीज में रहने के लिए 160 बीघा जमीन की आवश्यकता होगी। बिल्डिंग बाईलाज पर विचार रखते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर मल्टी स्टोरिज के लिये 17 मंजिल या अधिकतम 51 मीटर निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की।
शहर के विकास में बहुमूल्य येागदान देने वाले शहर के दो उद्यमियों मिराज ग्रुप के सीएमडी मदनलाल पालीवाल को उदयपुर गौरव तथा सुरजीत टिम्बर के स्वरूपइन्दरसिंह छाबड़ा को मरणोपरान्त उदयपुर रत्न से उदयपुर बिल्डर्स एसोसिएशन की ओर से सम्मानित किया गया। समारोह में सांसद रघुवीरसिंह मीणा,नगर विकास प्रन्यास के चेयरमेन रूपकुमार खुराना, नगर परिषद सभापति रजनी डांगी, राजसमन्द विधायक किरण माहेश्वरी, ग्रामीण विधायक सज्जन कटारा, प्रन्यास सचिव डॅा. आर. पी. शर्मा, एच. एस. संचेती, बी. एस. कानावत, सिंचाई विभाग के सेवानिवृत अभियन्ता आर.के.चतुर, सीमेन्ट प्रोजेक्ट्स के इब्राहिम अली, परिषद आयुक्त सत्यनारायण अचार्य,  अतिरिक्त जिला कलेक्टर बी. आर. भाटी, एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दिनेश कोठारी विचार व्यरक्ते किए। धन्यवाद वीरेन्द्र बापना व दिनेश बजाज ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

One Response

  1. I doubt on this step…. this lobby is disturbing the natural landscapes……

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