हिंद जिंक की महती परियोजना क्लाउड सीडिंग

BY — August 3, 2012

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक उदयपुर में कृत्रिम बारिश करवाने के लिए एक महती परियोजना पर कार्य कर रहा है। इसके लिए गुरुवार को भी एयरक्राफ्ट ने प्रयास किया लेकिन बादल कुछ अधिक ऊंचाई पर होने के कारण बारिश नहीं हो सकी।

उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी एक अगस्तर से इसकी स्वीकृति दे दी थी। इस महती परियोजना में कृत्रिम बारिश (क्‍लाउड सीडिंग) करवाले वाला एयरक्राफ्ट यहां पहुंच तो गया लेकिन गुरुवार को उड़ान नहीं भर पाया। बताया गया कि बादलों के जमीनी तल से 3 से 5 किमी. ऊपर होने के कारण क्लाउड सीडिंग नहीं हो पाई। हिन्दुस्‍तान जिंक के हेड (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन) पवन कौशिक ने बताया कि कमजोर मानसून के कारण अभियान बाधित तो हुआ है लेकिन फिर भी प्रयास जारी है।

क्या  है क्लाउड सीडिंग

क्लाउड सीडिंग बादलों में आर्द्रता बढ़ाने की विधि है।  इसमें सिल्वर आयोडाइड एवं सोडियम क्लोराइड जैसे कुछ तत्वोंम का प्रयोग किया जाता है। प्रोसेस के तहत हवा में कुछ ऐसे पदार्थ छोड़े जाते हैं जिससे नमी को बूंदों में परिवर्तित किया जाता है। एयरक्राफ्ट के जरिये इन पदार्थों को बादलों में बिखेरा जाता है और कृत्रिम बरसात होती है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

One Response

  1. It should not be encouraged…. we all are aware of the impact of the artificial rain in China…

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