भाषा सीखने की नई विधा है लेंग्वेज लैब

BY — August 23, 2012

श्रमजीवी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला प्रारंभ

udaipur. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का आपसी संयोजन है लेंग्वेज लैब (भाषा प्रयोगशाला)। आधुनिक वैश्वीकरण के दौर में भाषा की महत्ता को बनाए रखने  के लिए भाषा संबंधी ज्ञान अनिवार्य है। यह ज्ञान भाषा की चार बुनियादी आवश्यकता जैसे सीखने, सुनने, बोलते हुए पढऩा तथा लेखन के रूप में बहुत उपयोगी है।

आजकल इसका वृहद प्रयोग हो रहा है। यह विचार विद्यापीठ के श्रमजीवी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का शुभारंभ करते हुए अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप कुमार पंजाबी ने व्यक्त किए। इस अवसर पर वाणिज्य संकाय अधिष्ठता डॉ. सीपी अग्रवाल ने प्रयोगशाला की उपयोगिता पर बताया व कहा कि आज हमें अन्य देशों से सम्पर्क सघनता रखनी है तो उसके लिए भाषा कौशल अपरिहार्य है। अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.मुक्ता शर्मा ने कहा कि लेंग्वेज लैब तकनीकी ज्ञान की सुस्पष्टता के लिए आज विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण जरूरत बन गई। डॉ. शारदा बी भट्ट ने लैग्वेज लैब के विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए इसे प्राथमिक स्तर पर जरूरी बताया तथा इसमें हो रहे नवाचारों पर विस्तार से जनकारी दी। धन्यवाद सहायक आचार्य आरती जैन ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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