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कार्यशालाओं का उद्देश्य ज्ञान का आदान-प्रदान : प्रो. त्रिवेदी

BY — November 3, 2012

दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

udaipur. मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई. वी. त्रिवेदी ने कहा कि इन कार्यशालाओं की सार्थकता तभी है जब प्रतिभागी कार्यशाला में हुए ज्ञान के आदान-प्रदान को अपने जीवन में भी उतारते हुए इसका आदान-प्रदान करें।

प्रो. त्रिवेदी ऐश्वर्या कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘‘व्यापार एवं सूचना प्रोद्योगिकी के लिए सफलता के मंत्र’’ विषयक के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने प्रतिभागियों का आहृवान किया कि केवल नोटपेड या रजिस्टर में लिखने से कुछ नहीं होगा हमें इस ज्ञान को आत्मसात भी करना होगा। राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में आये विषय विशेषज्ञों ने अपने जीवनभर के ज्ञान का निचौड़ हमे दिया है तो हमारा भी कत्र्ताव्य है कि हम उसमें अधिकाधिक वृद्धि करते रहे। ऐश्वर्या रिसर्च कम्यूनीकेशन जनरल ‘‘फोकस’’ त्रैमासिक शोध पत्रिका का विमोचन भी किया गया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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