लेते रहे सलाह, कोच भी बताते रहे तकनीक

BY — November 9, 2012

पहली राष्ट्रीय कायकिंग एवं केनोईग के पहले दिन 1000 मीटर की प्रतियोगिता

udaipur. आल इंडिया राष्ट्रीय स्तर कायकिंग एवं केनोईग चैम्पियनशिप 2012 के उदयपुर की फतहसागर झील में सुबह 9 बजे से 1000 मीटर की सब जूनियर, जूनियर व सीनियर की प्रतियोगिता शुरू हुई।

भारतीय कायकिंग व केनोईग एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. रघुनाथन व सचिव बलबीर सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में फतहसागर की पाल पर पेसिफिक कॉलेज के छात्र गणवेश में तकनिकी प्रबन्धकों को सहयोग करते रहे। कल देर रात तक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रबन्धकों के साथ सभी कोच एवं तकनीकी प्रबन्धकों की खेल तकनीकी कार्यशाला के आयोजन में बताया गया कि कायकिंग के लिए स्पोटर्स कोड के-1,2,4, एवं केनोईग-सी-1,2,4 यानि एक दो व चार की अलग-अलग नावों के लिए नम्बर कोड इस्तेमाल होंगे एवं कायकिंग स्पर्धा में प्रतियोगी दोनों तरफ वाले चप्पू बैठकर प्रयोग में लेगा एवं केनोईंग में एक घुटना आगे कर  हनुमान मुद्रा में रहकर सिंगल वाले चप्पू से दोनो तरफ से प्रयोग में ले सकेगा। कोचों के कई प्रश्नो का जवाब स्पष्टीकरण सहित प्रस्तुत किया गया। आज की प्रतियोगिता में प्रतियोगियों की अधिक संख्या के कारण हिटस् प्रक्रिया में लम्बा समय लगा। कुल 18 इवेन्ट हुए। २ सीनियर महिला ग्रुप में राजस्थान की टीम ने भाग लेकर फाइनल में पांचवा स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के बाद 9 बजे तक विजेता टीमों को मेडल वितरण हुआ।
राजस्थान टीम के कोच व मैनेजर दीपक गुप्ता व कुलदीपक पालीवाल दिन भर अन्य टीमों के खिलाडियों के प्रदर्शन व खेल की तकनीकी का बोध प्रतियोगी शिष्यों को कराते नजर आए। खेल प्रेमियों के साथ उदयपुर के बहुत से लोग प्रतियोगिता को टकटकी लगाए देखते पाए गए क्योंकि केनोइंग में हनुमान मुद्रा वाली प्रतियोगिता का अद्भुत नजारा मन को मोह रहा था। शनिवार सुबह 9 बजे से पुरुष महिला जूनियर, सब जूनियर लडक़े लड़कियों का 500 मीटर की कायकिंग एवं केनोइंग के विभिन्न ग्रुपों की प्रतियोगिता होगी।


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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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