माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे गोविंद गुरु

BY — November 17, 2012

शहीदों की कुर्बानी से सीख ले नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री

udaipur. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार मानगढ़ के इतिहास और गोविन्द गुरु के संघर्षमयी जीवन से पूरे प्रदेश की नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए इसे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शनिवार को बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी पंचायत समिति में गुजरात सीमा पर स्थित ऐतिहासिक मानगढ़ धाम पर अमर शहीद संत गोविन्द गुरु के नेतृत्व में 17 नवंबर 1913 को 1500 गुरुभक्तों के बलिदान के सौ साल पूर्ण होने पर आयोजित शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों के शुभारंभ समारोह में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही गोविन्द गुरु के आध्यात्म से लेकर देश की आज़ादी की अलख जगाने से परिपूर्ण जीवन और उनके नेतृत्व में मानगढ़ पर दी गई पन्द्रह सौ आदिवासी सपूतों की कुर्बानी को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविन्द गुरु के उपदेश आज भी प्रासंगिक है और न केवल स्वयं का बल्कि प्राणी मात्र का कल्याण इन उपदेशों को आत्मसात करने पर संभव है।
मुख्यमंत्री ने घोषणाओं को पिटारा खोलते हुए बागीदौरा से गुजरात सीमा पर स्थित मानगढ़ धाम वाया आनंदपुरी तक 46 किलोमीटर टू लेन सडक़ के लिए 36 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। पूरा पाण्डाल तालियों के साथ-साथ परंपरागत वाद्ययंत्रों की संगीतमय ध्वनि से गूंज उठा। सौ वर्ष की इस याद को अमर बनाए रखने के ऐलान के साथ मुख्यमंत्री ने छोटा डूंगरा से गुजरात सीमा को जोडऩे वाली सडक़ के लिए 1 करोड़ 37 लाख रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की वहीं मानगढ़ धाम पर हुए बलिदान को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष 17 नवंबर को सरकारी तौर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा पर पण्डाल गोविन्द गुरु और मानगढ़़ धाम के जयकारों से गूंज उठा।
हर वर्ष 17 नवंबर को मनेगा सरकारी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने क्रांतिकारी संत गोविन्द गुरु के जीवन से सतत प्रेरणा लेते रहने का आह्वान करते हुए कहा कि इस शहादत के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष में होने वाला यह जलसा एक दिन का होकर न रह जाए। उन्होंने कहा कि शहादत के सम्मान में इस उत्सव को हर साल मनाते रहने के लिए 17 नवंबर को इस पहाड़ी पर आप सब इक_े हो और सरकारी स्तर पर होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर सामाजिक चेतना और विकास में भागीदार बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल होने वाले इस समारोह में केवल भील समाज ही नहीं अपितु हर तबके के लोग आने चाहिए।
शहादत के सौ साल पुस्तक का विमोचन:
समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा संत गोविन्द गुरु और मानगढ़ धाम के शहीदों की शहादत को उजागर करती जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा प्रकाशित बहुरंगी पुस्तक ‘ शहादत के सौ साल’ का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने पुस्तक का विमोचन करने के बाद हस्ताक्षरित पुस्तक लेखक एवं संपादक जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कमलेश शर्मा व शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी प्रकाश पण्ड्या को सौंपते हुए इस लेखन के लिए बधाई दी। पुस्तक के प्रधान संपादक महेन्द्रजीतसिंह मालवीया ने पुस्तक का अवलोकन कराया और बताया कि  पुस्तक प्रकाशन से अब तक अनुमानों और कल्पनाओं पर निर्भर मानगढ़ के इतिहास को पहली बार राष्ट्रीय अभिलेखागार नई दिल्ली से जुटाए गए अदालती सबूत और तथ्यों के आधार पर प्रामाणिकता हासिल हुई है।
इस मौके पर उदयपुर संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल, आईजी टीसी डामोर, कलक्टर कुंजबिहारी गुप्ता, बांसवाड़ा एसपी डीएस चुण्डावत, डूंगरपुर एसपी राहुल जैन सहित जयपुर, पाली, बूंदी के जिला प्रमुख बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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