जटिलताओं से भरा है टैक्स सिस्टम : जस्टिस स्वतंत्र कुमार

BY — December 15, 2012

प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू
देश भर के 500 से अधिक विधि विशेषज्ञ, कर सलाहकार एवं सीए ने लिया भाग

151201Udaipur. हमारा टैक्स सिस्टम काफी जटिलतापूर्ण है। यही कारण है कि आज इस दायरे में आने वाले लोग जानबूझ कर भी टैक्स जमा नहीं करवाते है जिसका नुकसान कहीं न कहीं राजस्व पर भी पड़ता है। इन टैक्स प्रावधानों को लचीला बनाने की जरूरत है। यह कहना है सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस स्वतंत्र कुमार का।

151204शनिवार को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि जस्टिस कुमार ने कहा कि टैक्स नियमों का सरलीकरण करना चाहिए, जिससे विभागों को टैक्स कलेक्शन का दबाव नहीं पड़े। जटिल टैक्स प्रक्रिया और कानून आम टैक्स प्रदाता के मुश्किल में डालते हैं। इस राष्ट्रीय वर्कशॉप का आयोजन ऑल इंडिया फैडरेशन ऑफ टैक्स प्रेक्टिशनर्स, राजस्थान टैक्स कंसलटेंट्स एसोसिएशन, उदयपुर टैक्स बार एसोसिएशन एवं चरिटेबल सोसायटी के साझ़े में किया जा रहा है।
जनता के सामने हो खुलासा : जस्टिस कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर का जनता के सामने पूरी तरह से खुलासा होना चाहिए। टैक्स प्रक्रिया को लेकर जनता को असमंजस में नहीं रखना चाहिए। टैक्स प्रावधान सिर्फ अमीर और गरीब के मध्य धन के पूर्नवितरण की व्यवस्था करना ही नहीं है। अब इससे आगे की तरफ भी सोचना होगा। ऐसे नए नियमों का प्रतिपादन होना आवश्यक है, जो जनता और संबंधित विभाग के मध्य तनाव का कारण नहीं बने, साथ ही प्रक्रिया इतनी सहज होनी चाहिए कि दायरे में आने वाले व्यक्ति को हर एक बारीकी का ज्ञान हो।
151203बढ़ाए जाएंगे विशेष कोर्ट : जस्टिस कुमार ने बताया कि कर संबंधित मामलों के निराकरण के लिए विशेष कोर्ट की संख्य बढ़ाई जाएगी। ताकि समय रहते इन मामलों का निबटारा किया जा सके। वर्तमान में इनकी संख्या सीमित होने के कारण समय पर न मामले की सुनवाई हो पाती है, और न ही मामलों का निराकरण हो पाता है। इस कारण भी इन विशेष कोर्ट की संख्या में बढ़ोत्तरी करना स्वाभाविक हो जाता है।
अपील व्यवस्था पर लगे अंकुश : जस्टिस कुमार ने टैक्स प्रक्रिया में बार बार अंकुश लगाने की व्यवस्था को समाप्त करने की बात कही है।उन्होंने कहा कि बार बार टैक्स रिनुवल को लेकर मामले के निस्तारण में काफी समय लग जाता है। इससे पेंडेंसी की संख्या भी अधिक हो जाती है। यदि किसी मामले पर अपील की भी जानी है, तो उसके लिए कुछ दायरा निश्चित किया जा चुका है। लेकि न इसके साथ ही विभाग में आन्तरिक मूल्यांकन कि भी समिति बनाई जानी चाहिए जिससे अवांचित विवाद उतपन्न नहीं हो। तथा न्यायालयों में अकारणीय मामले लम्बित न रहे।
151202कार्यक्रम : इससे पूर्व शेयर, केयर और सक्सीड की थीम पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार ने दीप प्रजवलन कर किया। पहला तकनीकी सत्र एचयूएफ अंडर डायरेक्ट टैक्सेस एंड सिविल लॉ विषयक था। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट एन. एम. रांका, जयपुर की अध्यक्षता में प्रथम तकनीकी सत्र में हिन्दू अविभाजित परिवार से संबंधित नवीन प्रावधानों पर चर्चा की गई। प्रमुख वक्ता अश्विन सी. शाह व गुजरात हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट के. एच. काजी, अहमदाबाद ने हिन्दू अविभाजित परिवार के बारे में विभिन्न अवधारणाओं को स्पष्ट किया कि 01.09.2005 के बाद बेटी भी पुत्र के समकक्ष विभिन्न अधिकारों की हकदार है। दूसरे तकनीकी सत्र में रियल एस्टेट लेन-देन व्यवहारों के संबंध में विभिन्न कर से संबंधित एडवोकेट ज्वलंत मुद्दों पर प्रेमलता बंसल, एडवोकेट, दिल्ली की अध्यक्षता में व अहमदाबाद हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट भरत अग्रवाल के सानिध्य में भूमि संबंधी लेनदेनों के आयकर के प्रावधानों की बारीकियों को मुम्बई से पधारे एच.एम. मोतीवाला ने व्याख्या की।
जी. एस. वेंकटरमानी, सी.ए., बैंगलौर ने भूमि संबंधी लेन-देनों के वैद व सेवाकर से संबंधित सभी पक्षों की जानकारी दी तथा संजय झंवर, एडवोकेट, जयपुर ने भूमि संबंधी लेन-देनों के भूमि हस्तान्तरण व विकसित करने के अनुबन्ध करने के दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। शाम को फील्ड क्लब पर भव्य सांस्कृतिक संध्या हुई जिसमें सभी प्रतिभागी व उनके परिवार ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। दीवाना एण्ड पार्टी के कलाकारों व कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जिसका सभी ने शानदार लुत्फ उठाया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रेक्टिशनर्स के चेयरमैन एसके पोद्दार, राजस्थान टैक्स कंसलटेंट एसोसिएशन के चेयरमेन पंकज घीया, कांफ्रेंस कमेटी के चेयरमेन डॉ. ओपी चपलोत ,उदयपुर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश जावरिया, उदयपुर टैक्स बार चेरिटेबल सोसायटी के चेयरमेन किशोर कुमार पाहुजा तथा कांफ्रेंस सचिव डॉ. एससी जैन भी उपस्थित थे।
16 दिसंबर : सुह 10 बजे से इनपुट टैक्स पर कंट्रोवर्सियल इश्यू। 12 बजे चौथा सैशन सर्विस टैक्स के नवीनतम इश्यू पर केंद्रीत होगा तथा पांचवां सेशन ब्रेन ट्रस्ट पर रहेगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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