रचनात्मक पक्ष उजागर करें साहित्य का : आफरीदी

BY — January 28, 2013

समकालीन साहित्य की प्रासंगिकता पर विचार गोष्ठी

280102Udaipur. प्रसंग संस्थान उदयपुर की ओर से गणतंत्र दिवस पर समकालीन साहित्य की प्रासंगिकता पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेषाधिकारी वरिष्ठ व्यंग्य लेखक फारूक आफरीदी ने कहा कि साहित्यकारों को सदैव युगीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए साहित्य में रचनात्मक पक्ष को उजागर करने का प्रयत्न करते रहना चाहिये।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि एवं समालोचक प्रो. नंद चतुर्वेदी ने कहा कि साहित्यकारों पर सदैव यह नैतिक दबाव रहता है कि वह समाज सापेक्ष सृजन के माध्यम से समाज को दिशा निर्देश प्रदान करता रहे और इस दिशा में सफल भी होता है। संचालन करते हुए संस्थापक अध्यक्ष डॉ. इन्द्रप्रकाश श्रीमाली ने आरंम्भ में मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष का हार्दिक अभिनंदन किया। विचार गोष्ठी में अरूण चतुर्वेदी, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. मंजु चतुर्वेदी, रजनी, सुयश एवं आदर्श ने विचार व्य्क्तच किए। इस अवसर पर जगदीश ओझा, जयंत प्रकाश, कौस्तुभ गोविन्द त्रिवेदी आदि भी उपस्थित थे। मानद सचिव डॉ. मंजू चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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