रजिस्‍ट्रार द्वारा अचल संपत्ति के निर्धारित मूल्‍य पर लगेगा आयकर

BY — March 1, 2013

1udaipur. चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट निर्मल सिंघवी ने कहा कि कल केन्द्रीय वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम द्वारा वर्ष 2013-14 के लिए लोकसभा में पेश आम बजट में कहा कि अचल सम्पत्ति पर विक्रय प्रतिफल के बजाय रजिस्ट्रार द्वारा उस सम्पत्ति के सन्दर्भ में किए गये निर्धारित मूल्य पर आयकर लगेगा।

वे आज रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा रोटरी बजाज भवन में आम बजट-2013,सेवाकर एंव केन्द्रीय उत्पाद कर पर आयोजित परिचर्चा में भाग लेते हुए बोल रहे थे। उन्होनें कहा कि बजट से आम लोगों को काफी राहत की उम्मीद थी लेकिन वित्त मंत्री ने देश की वास्तविक स्थिति को देखते हुए एक यर्थाथवादी बजट पेश किया। बजट में राजकोषिय घाटा 5.2 से घटकर 4.8 प्रतिशत पर पूर्वानुमानित किया गया वह एक सही आंकलन रहा। वित्त मंत्री ने इस बजट के जरिए देश के घाटे को नियंत्रित करन के साथ-साथ विकास को भी महत्व दिया है।
सिंघवी ने प्रत्यक्ष करो में बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि गैर कृषि उच्च सम्पत्ति पर क्रेता को 1 जून 2013 से प्रतिफल का एक प्रतिशत कर कटौती करनी होगी। इसके साथ ही अचल सम्पत्ति के क्रेता व्यापारी के पास स्टॉक होने पर भी उसे वास्तविक विक्रय प्रतिफल के बजाय रजिस्ट्रार द्वारा उस सम्पत्ति के सन्दर्भ में किए गये निर्धारित मूल्य पर आयकर लगेगा। इसके साथ ही क्रेता को सब रजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित मूल्य वास्तविक प्रतिफल के अधिक होने पर दोनों के अन्तर पर यह कर चुकाना होगा।
2सिंघवी ने बताया कि वित्त मंत्री ने आयकर स्लेब व कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया है एंव पंाच लाख तक की आय पर दो हजार रूपयें की छूट अपर्याप्त है। प्रथम मकान पर ब्याज की छूट हेतु 25 लाख तक के लॉन पर एक लाख की छूट  हेतु चालीस लाख तक की लागत के मकान ही पात्र होंगे। उन्होनें बताया कि महिलाओं, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास,कौशल विकास, सर्वशिक्षा अभियान, इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु बजट में अच्छे प्रावधान किये गये है और इनका समय पर क्रियान्वयन होने पर यह लाभकारी सिद्ध होंगे।
केन्द्रीय उत्पाद कर एंव सेवा कर के सन्दर्भ में बोलते हुए चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट केशव मालू ने बताया कि मार्बल पर उत्पाद शुल्क को दोगुना कर दिया गया है जिससे प्रतिवर्ग मीटर 30 रूपयें उपभोक्ता को अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। इससे स्थानीय मार्बल उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सर्विस टेक्स के अन्तर्गत ‘स्वैच्छिक पालना स्कीम’ में 1 अक्टूबर 2007 में जिन्होनें सर्विस टेक्स एंव रिटर्न नहीं भरा है यदि अब भी वे रिटर्न एंव सर्विस टेक्स भर देंगे तो उन्हें देय टेक्स पर शास्ति एंव ब्याज नहीं देना होगा। मालू ने उत्पाद एंव आयात शुल्क मे हुए परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रारम्भ में क्लब अध्यक्ष सुशील बांठिया ने अतिथियों का स्वागत किया एंव क्लब सचिव ओ.पी.सहलोत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। परिचर्चा में सहायक प्रान्तपाल रमेश चौधरी,बी.एल.मेहता, डॅा. प्रदीप कुमावत,गजेन्द्र जोधावत एंव शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों,व्यापारियों एंव अनेक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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