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अब झीलों की नगरी पहुंचे भगवान स्वामीनारायण

BY — May 13, 2013

भगवान श्री स्वामीनारायण एवं सनातन धर्म की मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव

130505Udaipur. भगवान स्‍वामीनारायण के नाम से अक्षरधाम की आकर्षक छवि मानस पटल पर उभर आती है। अब झीलों की नगरी के भक्तों को भी भगवान स्‍वामीनारायण के दर्शन हो सकेंगे। भगवान स्वामीनारायण एवं सनातन धर्म की मूर्तियों की प्रतिष्ठा महोत्सव श्री गीता कल्याण धर्म ट्रस्ट उदयपुर एवं बीएपीएस स्वामीनारायण उदयपुर के तत्वावधान में हुआ।

अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर दुर्गानर्सरी रोड़ सुखाडि़या मेमोरियल के पास निर्मित हरि मन्दिर में आज भगवान स्वामीनारायण अक्षरमूर्ति गुणातीतानन्द स्वामी महाराज श्री कृष्ण परमात्मा राधिका गणेशजी एवं हनुमानजी की पाषाण की सुन्दर मूर्तियों एवं बीएपीएस के गुरु परम्परा की छवि की प्रतिष्ठा मन्दिर के गर्भ गृह में हर्षोल्लासपूर्वक हुई।
130506सुबह विधि विधान से मूर्तियों की पूजा अर्चना कर अक्षरधाम गांधीनगर अहमदाबाद के महन्त पूज्य आनन्द स्वरूप स्वामी ने बताया कि मन्दिर में प्रवेश कर जीव को अपनी अवधारणा बदलने का बल प्राप्त होता है तथा जीवन की राह बदल जाती है एवं सदबुद्धि का उद्भव होता है। स्वामीनारायण मन्दिर जयपुर के कोठारी स्वामी राजेश्वर स्वामी एवं वरिष्ठ सन्तों पूज्य योगी प्रेमदास स्वामी, नीलकण्ठ स्वरुप स्वामी, धर्मनिष्ठ स्वामी, अक्षरप्रेम स्वामी एवं श्री गीता कल्याण निधि ट्रस्टीगण धनराज मूंदडा, शिवचरण माहेश्वरी, कृष्णगोपाल गट्टानी, वल्लभ कुंवर, जमनालाल सुवालका, जितेन्द्र सिंह शेखावत एवं मोटाराम मेघवाल आदि की पावन उपस्थिति में हुई। बीएपीएस के विभिन्न सत्संग मण्डल उदयपुर, सिरोही, पाली, डूंगरपुर, जयपुर, अजमेर, अहमदाबाद, हिम्मतनगर तथा अन्य शहरो व गांवों के हरिभक्तों ने हषोल्लासपूर्व महोत्सव में भाग लिया।
मूर्तियो की प्रतिष्ठा के बाद एक विशाल धर्म सभा का आयोजन हुआ जिसमें श्री गीता कल्याण निधि ट्रस्ट अनुपम योगदान तथा हरिभक्तो के तन, मन, धन से मन्दिर की सेवा हुई है। अक्षरधाम के महन्त आनन्दस्वरुप स्वामी जयपुर मन्दिर के कोठारी स्वामी श्री राजेश्वर स्वामी तथा उदयपुर मण्डल के निर्देशक पूज्य श्री योगी प्रेमदास स्वामी ने सभा में सम्मा न भी किया। उदयपुर सत्संग मण्डल के संचालक जमनालाल सुवालका नें उदयपुर मण्डल की गत 10 वर्षों की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होने उत्सव में संतवर्य राजेश्वर कोठारी व अन्य संतो महन्तों हरिभक्तों एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों का आभार व्यक्त किया। सत्संग मण्डलों, युवा मण्डल, बाला मण्डल तथा महिला मण्डल के संचालकों एवं हरिभक्तो नें समारोह में भाग लिया। इसके लिए भी आभार व्यक्त किया। अन्नकूट का महाप्रसाद भी भक्तो ने ग्रहण किया। सम्पूर्ण महोत्सव में कार्यकर्ता रमेशचन्द्र टेलर, मनीष झाला, अंशुमान सिंह राणावत, राजेश चौधरी, दिलीप बडेजा, पृथ्वीराज सुवालका, सूर्यप्रकाश साहू, इन्दरलाल चौबीसा, विनोद मोड़, महेन्द्र सेन, नितिन चौधरी, अशोक, मदनलाल मुर्डिया, राजनाथ सिंघल के सहकार के लिए जमनालाल सुवालका ने विनम्रभाव से सराहना की।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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