दिखा विज्ञान, अध्यात्म, चिकित्सा का अदभुत संगम

BY — July 31, 2013

सुखाडिया स्मृति व्याख्यान

310709Udaipur. मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय की ओर से स्व. मोहनलाल सुखाडिया की स्म़ृति में अंतरिक्ष की उत्‍पत्ति विषयक व्याख्यानमाला में विज्ञान, अध्यात्म और चिकित्सा  का अद्भुत समावेश दिखा।

310710बुधवार को विवि सभागार में आयोजित इस व्याख्यानमाला में मुख्या वक्ता प्रधानमंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार डा. ओपी पांडे, मुख्य अतिथि बडे़ इमाम उमर अहमद इलियासी तथा विशिष्टि अतिथि प्रसिद्ध कार्डियोलोजिस्ट डॉ. आर. एन. कालरा थे। डॉ. पांडे ने अंतरिक्ष की उत्पत्ति के विभिन्नि सिद्धान्तों को आडियो विजुअल प्रस्तुति के साथ समझाया। उन्होंने अंतरिक्ष की रचना, इसकी कार्यप्रणाली को वैज्ञानिक तरीके से रखा। उन्होंने बताया कि हमारे सूर्य के अलावा भी इस ब्रह्मांड में कई सूर्य है जिनकी अभी खोज होना बाकी है। अंतरिक्ष के सात ब्रह्मांडों का जिक्र करते हुए इसे अध्यात्म  से जोडा जिसका जिक्र हर धर्म में किया गया है। उन्होंने ब्लेरकहोल कास्मिक डस्ट की बात भी बताई। उन्होंने कहा कि समाज की सर्जनात्मक ऊर्जा भी अंतरिक्ष से ही आती है और यही ऊर्जा वापस ब्रह्मांड में घूमती है। उन्होंने सृजन के सिद्धान्त को भी बताया ओर इसमें स्त्री तत्व की उपस्थिति का भी विश्लेषण किया। इस अवसर पर उन्होंने ब्रह्मांड में होने वाली ध्वनि को सुनाया जो नासा ने रिकार्ड की है। यह ध्वनि हमारे सुनने की क्षमता से 400 मिलियन अधिक तीव्रता वाली है जिसमें से लगातार ओम शब्द  सुनाई पड़ता है।
310711मुख्य  अतिथि बडे इमाम उमर अहमद इलियासी ने सर्वधर्म समभाव की बात कहते हुए कहा कि हम सबके पूर्वज भारतीय हैं। चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला हो। उन्होंेने कहा कि जब दवा असर नहीं करती तब दुआ काम करती है। हमें हर उस व्यक्ति के लिए दुआ करनी चाहिए जिसको मदद की जरुरत है। उन्होंने माता-पिता का सम्मान करने का आह्वान करते हुए कहा कि दुनिया में बहुत दर्द है, यह कम हो सके इसके लिए हमे प्रभु से प्रार्थना करनी चाहिए क्योंकि प्रार्थना में बहुत ताकत होती है। विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. एन. कालरा ने हृदय को स्वस्थ रखने और इससे होने वाले रोगों से बचने की कई उपयोगी जा‍नकारियां दी। उन्होंने कहा कि युवा स्वस्थ रहेगा तो देश भी स्वस्थ रहेगा। अध्यक्षता करते हुए सुविवि के कुलपति प्रो. आईवी त्रिवेदी ने आगन्तुक वक्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इनके द्वारा दी गई जानकारियां विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इस अवसर पर एक पोस्टर तथा डॉ. शिल्पा सेठ की कानून विषयक पुस्तंक का लोकार्पण भी हुआ। धन्यवाद रजिस्ट्रार डॉ. एलएन मन्त्री  ने दिया। संचालन डॉ. नीतू परिहार ने किया। इससे पूर्व सुबह विश्वविद्यालय परिसर में स्थित मोहनलाल सुखाडिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम भी हुआ जिसमें सभी अतिथियों ने सुखाडि़या को पुष्पार्पण किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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