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क्या नया कर सकते हैं, यही इंजीनियरिंग है : तलेसरा

BY — September 29, 2013

अरावली में सेमिनार

290905Udaipur.  विद्यार्थियों को एक फॉर्मल ज्ञान से आगे सोचने की जरूरत है कि कैसे विद्यार्थी रूटीन की समस्याओं के निराकरण के लिए कुछ नया क्रियाशील कर सकते हैं, ‘‘यही इंजीनियरिंग हैं।’’

ये विचार पायरोटेक ग्रुप के चेयरमैन पी. एस. तलेसरा ने मुख्य  अतिथि केरूप में व्यैक्त  किए। वे अरावली इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज की ओर से ’इण्डस्ट्री रेडी एज्युकेशनः ए कर्टेन रेजर’ विषयक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। सेमिनार का मुख्य उद्धेश्य इण्डस्ट्री के आवश्यक मानको के अनुरूप छात्रों को तैयार करना व इस अन्तराल को कम करने का प्रयास है।
विशिष्ट अतिथि अदवैय्या सॉल्युशन के अध्यक्ष मनीष गोधा ने बताया कि सफलता के लिए जरूरी हैं कि हमारी बौद्धिक क्षमताओं का विकास अनुभव को ग्रहण करने की हमारे क्षमताओं की अनुपात में होना चाहिए। लिपिडेटा के वाइस प्रेसीडेंट हरीश व्यास ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान पर जोर देने को कहा। इस अवसर पर सतीश सारस्वत, कलड़वास चैम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष मनोज जोशी, प्रदीप कोठारी, रामा फॉस्फेट के जनरल मैनेजर के. पी. सुथांकर चिराग इंजीनियरर्स के जनरल मैनेजर गिरीश जोशी आदि ने भी विचार व्यलक्तक किए।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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