600 बच्चों ने ‘खुशी’ के लिए बनाई आकृतियां

BY — October 26, 2013

वेदांता के ‘खुशी, आवर गर्ल्स , आवर प्राईड‘ पर डीपीएस में हुआ कार्यक्रम
वेदांता एवं एनडीटीवी के अभियान में बालिकाओं को सम्मान का संकल्प

261006Udaipur. बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए वेदांता समूह और एनडीटीवी के देश भर में चलाए जा रहे खुशी-आवर गर्ल्स  : आवर प्राईड अभियान के तहत शनिवार को डीपीएस स्कूल में शहर के विभिन्नं स्कूलों के करीब 600 बच्चे् एकत्र हुए और खुशी के लिए अपनी भावनाएं पेंटिंग्सर के रूप में उकेरीं।

261007261009देश में वंचित बच्चों की देखभाल एवं उनके स्वास्थ्य, सुपोषण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पहले से चल रहे वेदांता ‘खुशी’ जागरूकता अभियान के तहत दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आठ से सोलह वर्ष की आयु के 20 स्कूलों के 600 विद्यार्थी तथा स्कूल की अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक वेदान्ता समूह के ‘खुशी’ अभियान से जुडकर बालिका सम्मान और जरूररतमंद बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया। वेदान्ता खुशी अभियान भारत में वंचित बच्चों के प्रति-उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुपोषण के प्रति, आम जनता में  जागरूकता लाने का एक महाअभियान है। बच्चों ने अभियान में उत्सुकता से भाग लिया तथा बालिकाओं के सम्मान में एक से बढ़कर एक संदेशात्मक कलाकृतियां बनाई।
अभियान के रचयिता वेदान्ता-हिन्दुस्तान ज़ि़ंक के हेड-कार्पोरेट कम्युनिकेशन पवन कौशिक ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आत्म सम्मान प्रत्येक बालिका का हक है जिसके लिये स्वयं बालिकाओं को ही आगे आना होगा। बालिकाओं को किसी सहारे की बजाय आत्मनिर्भर हो कर स्वयं की पहचान बनाकर परिवार का नाम रोशन करना है। हर माता-पिता के लिए बालक और बालिका एक समान है। माता-पिता बिना किसी भेद के परवरिश करें यह जरूरी है। सभी को सकारात्मक सोच रख कर बालिकाओं को आगे बढ़ाना चाहिये।’’
261008डीपीएस स्कूल की प्रधानाध्यापिका नीरू टण्डन ने कहा कि स्कूली समय से ही बालिकाओं को आत्मविश्वापस के लिए प्राथमिकता देनी चाहिये। बालिकाओं को प्रोत्साहित कर उन्हे आगे बढ़ने की सोच की शुरूआत बचपन से ही होनी चाहिए। ‘हमारे स्कूल में पुरुष स्टाफ से अधिक महिला स्टाफ है जिस पर हमें गर्व है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार भारत में बालिकाओं की चिन्ताजनक स्थिति, शिशु मृत्यु दर, कुपोषण एवं षिक्षा से वंचित जैसी गंभीर समस्या है जिसमें बालिकाएं अधिक है। लिंगानुपात एवं बालिकाओं की बढती जन्म पूर्व मृत्यु दर भारत की एक प्रमुख समस्या है। भारत में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे कुपोषित, षिक्षा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है।
कार्यशाला में दिल्ली पब्लिक स्कूल, सीडलिंग मॉडर्न स्कूल, जे. आर. शर्मा महाविद्यालय, ऋषभदेव, प्रयास संस्थान, राजस्थान पब्लिक स्कूल झाड़ोल, केन्द्रीय विद्यालय एकलिंगगढ, सेंट एन्थोनी, सेक्टर-4, सेंट एन्थोनी सेक्टर-14, नारायण सेवा संस्थान के सहयोग से अध्ययनरत आलोक स्कूल, रॉकवुड स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय नं.-1, मूक बधिर स्कूल, स्कॉलर एरिना, सेंट मैरीज तीतरड़ी, रायन इण्टरनेषनल स्कूल, सेन्ट्रल स्कूल, सेन्ट्रल एकडमी तथा सेवा मंदिर स्कूल के बच्चों ने भाग लिया तथा वंचित बच्चों के प्रति अधिक जानकारी हासिल की। ‘खुशी’ अभियान में सर्वश्रेष्ठ 25 प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर बच्चों को बडे़ स्क्रीन पर वेदान्ता ‘खुशी’ अभियान की फिल्म दिखाई गयी।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *