कठपुतली के माध्यम से जाने विवेकानन्द के उपदेश

BY — October 29, 2013

291014Udaipur. स्वामी विवेकानन्द की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य  में निर्मित कठपुतली नाटिका स्वामी विवेकानन्द की कठपुतलियों ने सभी को कहानियों के माध्यम से उपदेश दिए। भारतीय लोक कला मण्डल, रामकृष्ण मिशन नई दिल्ली, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र नई दिल्ली के तत्वावधान में निर्मित कठपुतली नाटिका ‘स्वामी विवेकानन्द’ की प्रस्तुति ने सभी को मोहित किया व स्वामीजी के जीवन व उपदेशों को कठपुतली के माध्यम से जाना।

आरम्भ में संस्था के मानद सचिव रियाज तहसीन ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत् किया। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल, विशिष्टा अतिथि प्रमुख स्वामी रामकृष्ण मिशन नई दिल्ली के शान्तात्मानन्द थे। अध्यक्षता आयकर आयुक्त रोली अग्रवाल ने की। संस्था के मानद सचिव रियाज तहसीन ने बताया कि प्राचीन कठपुतलियों को आज के परिवेश में निर्माण कर उन्हें आधुनिकता से प्रदर्शित की गई है। ये नाटिका सभी वर्ग के लिए हैं, विशेष कर युवाओं को स्वामीजी के उपदेश एवं जीवन शैली से परिचित करना है। जो अपने जीवन में स्वामीजी से प्रभावित होकर अपना जीवन आज के गिरते जीवन मूल्यों पुनः उच्च आदर्श स्थापित करें। इस 72 मिनट की नाटिका में 70 से अधिक कठपुतलियों का निर्माण एवं संचालन किया गया। 25 दृश्य परिवर्तन है। 13 पदों का इस्तेमाल किया गया। नाटिका का प्रदर्शन ऐसा लगा मानो टीवी स्क्रीन पर कोई सिरियल चल रहा हो।
291013संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की संदेश भारतीय लोक कला मण्डल के मध्यम से जन-जन तक पहुंच रहा है, यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है एवं कलाकारों को सम्मानित कर आशीर्वचन दिया। विशिष्ठ अतिथि स्वामी शान्तात्मानन्द ने बताया कि यह नाटिका उच्च श्रेणी की बनी है। इसका अनुवाद अंग्रेजी, बांगला, दक्षिण भारतीय भाषा में करवाया जायगा। अभी हिन्दी भाषा में ही सभी जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी कुछ ही दिनौं ने इसके प्रदर्शन झारखण्ड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कलकत्ता, बिहार आदि में होने जा रहे है। इसके बाद इसके प्रदर्शन यूरोप, साउथ एशिया व शिकागो में भी प्रस्तावित है।
सहायक निदेशक श्याम माली ने इस नाटिका की परिकल्पना, निर्माण एवं निर्देशन किया है। इसको डॉ. लईक हुसैन द्वारा लिखा गया है। नाटिका के प्रदर्शन एवं निर्माण में संस्था के कलाकार तुलसीराम, लोगर कलाकार, भगवती चावड़ा, मोहन पटेल, जगदीश पालीवाल, यशोदा माली, मीता पाहुजा, खुमाण सिंह, दुर्गा शंकर, किशन सिंह, कुकाराम, शंकर माली ने किया । लाईट इफेक्ट कृष्ण कुमार ओझा ने दिया। नाटिका को पूरे भारत में कोर्डिनेट कर रहे है व्यवस्था सचिव गोवर्धन सिंह सामर। नाटिका का संगीत व गायन डॉ. प्रेम भण्डारी एवं ब्रह्मचारी स्वामी ईश्वर चैतन्य ने दिया है। ध्वनि संकलन में द परफोरमर्स संस्था के कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ध्वनि संकलन का कार्य म्यूजिक मेकर्स के स्टुडियों में हुआ है। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कलाकारों एवं इस नाटिका में सहयोग प्रदान करने वाले सभी को भी सम्मानित किया गया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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