ऊपर-नीचे होती रही : अंदर गणना और बाहर धड़कन

BY — December 8, 2013

081212उदयपुर। आज तो मानों शहर की हर सड़क मीरा कन्या महाविद्यालय की ओर ही जा रही थी। हर कोई वहां जाने को बेताब था। पूरा शहर सुनसान था बस कॉलेज के आसपास वाले क्षेत्रों को छोड़कर।

081210081211बाहर समर्थकों की भीड़..। अपने प्रत्याशियों के नारे लगा रही थी। जैसे जैसे रूझान आते जा रहे थे, विजय की ओर बढ़ रहे प्रत्याशियों के समर्थकों में जोश तो पराजय की ओर जाते प्रत्याशियों के समर्थक घर का रास्ता पकड़ रहे थे। कॉलेज परिसर में जहां रिजर्व रखे गए क्षेत्रों में प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ बैठे मतों के रूझान सुन रहे थे वहीं बाहर सड़कों पर जाम लगा था।
081213जैसे ही दोपहर बाद विजेता की घोषणा हुई और समर्थकों ने प्रत्याशी को फूलमालाओं से लाद दिया। मावली के दलीचंद डांगी कटारिया के साथ ही बैठे रहे तो ग्रामीण के फूलसिंह मीणा भी पास ही रहे। वल्लभनगर से रणधीर सेना बनाने वाले समर्थकों के बल पर विजयी हुए रणधीरसिंह भींडर का समर्थकों ने जोर-शोर से स्वागत किया। उनके साथ जीप में उनकी पत्नी  दीपेन्द्र  कंवर भी सवार थी।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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