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भाषा-साहित्य के मूल्यांकन पर संगोष्ठी 23 से

BY — January 18, 2014

सुविवि के हिंदी विभाग का आयोजन

hindiउदयपुर। सुविवि के हिन्दी विभाग एवं राष्ट्रीय परीक्षण सेवा-भारत, भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर के तत्वावधान में 23-24 जनवरी को ‘‘नई सदी की चुनौतियों के संदर्भ में भाषा और साहित्य का मूल्यांकन‘‘ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी।

संगोष्ठी संयोजक डॉ. नवीन नन्दवाना सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय सभागार में 23 जनवरी को सुबह 11 बजे होगा। डॉ. नन्दवाना ने बताया कि उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सुविवि के कुलपति प्रो. इंद्रवर्धन त्रिवेदी होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में ख्यातनाम साहित्यकार एवं संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल व्याख्यान देंगे। विशिष्ट अतिथि प्रो. अवधेश कुमार मिश्र, निदेशक, भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर तथा प्रो. मीना गौड़, अध्यक्ष, मानविकी संकाय होंगे। अध्यक्षता प्रो. शरद श्रीवास्तव, अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, उदयपुर करेंगे।
इसी दिन दो आधार सत्रों तथा एक रचना पाठ सत्र का आयोजन किया जाएगा। आधार सत्रों में ‘21वीं सदी की चुनौतियाँ‘ विषय पर समालोचक एवं चिंतक प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल व्याख्यान देंगे। ‘साहित्य के लिए समाज में जगह और भाषा का बदलता चरित्र‘ विषय पर चिंतक एवं भाषाविद् प्रो. कृष्ण कुमार शर्मा तथा ‘तकनीक भाषा और साहित्य‘ विषय पर चिंतक एवं समालोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल तथा ‘अस्मिता विमर्श और नई सदी‘ पर प्रो. वीरभारत तलवार, नई सदी का समाज और साहित्य‘ विषय पर डॉ. हेतु भारद्वाज, ‘परम्परा, भाषा और साहित्य‘ विषय पर डॉ. सी.पी. देवल, ‘हिन्दी गद्य का बदलता चरित्र‘ विषय पर प्रो. नवलकिशोर शर्मा अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसी दिन रचना पाठ सत्र में डॉ. भगवतीलाल व्यास, किशन दाधिच, डॉ. ज्योतिपुंज एवं डॉ. मंजु चतुर्वेदी अपनी कविताओं का पाठ करेंगे।
प्रो. माधव हाड़ा, विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग ने बताया कि संगोष्ठी का समापन समारोह 24 जनवरी को दोपहर 3 बजे विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के सभागार में होगा। इस समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. संजय लोढ़ा, अधिष्ठाता, स्नातकोत्तर अध्ययन करेंगे। इस समारोह में कवि एवं चिंतक, नंद चतुर्वेदी बीज वक्तव्य देंगे। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के अध्यक्ष प्रो. कैलाश सोडाणी होंगे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय परीक्षण सेवा-भारत, भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर के अध्यक्ष डॉ. एम. बालाकुमार होंगे।
प्रो. हाड़ा ने बताया कि इस दिन दो तकनीकी सत्रों एवं एक रचना पाठ सत्र आयोजित होगा। तकनीकी सत्रों में प्रो. अश्विनी कुमार श्रीवास्तव (आगरा), प्रो. ब्रह्मानंद (कुरुक्षेत्र), प्रो. नंदकिशोर पांडेय (जयपुर), प्रो. कौशलनाथ उपाध्याय (जोधपुर), प्रो. विजय कुलश्रेष्ठ (जयपुर), प्रो. बाबूराम (कुरुक्षेत्र), प्रो. श्रवण कुमार मीणा (जोधपुर), प्रो. रामबीर (जोधपुर) एवं डॉ. मलय पानेरी (उदयपुर) का सान्निध्य रहेगा।  इस दिन होने वाले रचना पाठ सत्र में डॉ. मनीषा कुलश्रेष्ठ (दिल्ली), डॉ. राजेंद्रमोहन भटनागर (उदयपुर) एवं डॉ. दुष्यंत (जयपुर) अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। संगोष्ठी में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली एवं हरियाणा आदि राज्यों के 50 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी नई सदी की चुनौतियों के संदर्भ में भाषा, साहित्य एवं मीडिया की भूमिका का मूल्यांकन करेंगे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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