ट्रक चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

BY — January 22, 2014

एक ट्रक बरामद

220104उदयपुर। छोटी-मोटे अपराध करने वाले युवकों की जेल में ड्रग्स तस्करों से मुलाकात हुई और उनके आकाओं के लिए वाहन तस्करी में उपयोग के लिए वाहनों की चोरी करना शुरू कर दिया। इसके लिए वह ट्रक उठाने लगे। पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह को पकडऩे में सफलता प्राप्त की है, जिनसे चोरी का एक ट्रक बरामद हो चुका है।

पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा ने बताया कि वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर एएसपी शहर लखमनराय चौधरी, उपाधीक्षक गोवर्धनलाल, सूरजपोल सीआई बोरोजसिंह भाटी, एएसआई अभयनाथ चौहान, सिपाही मोहम्मद अत्तहर, फतहसिंह, मुकेशकुमार, मन बहादुर, गणेशसिंह, गोविन्दसिंह की टीम गठित कर इस मामले में संदिग्ध अपराधियों पर पैनी निगाह रखने को कहा था। इसी बीच 21 जनवरी की सुबह मोनिका गुड्स करियर का एक ट्रक चोरी हो गया। जिसके बारे में पता चला कि चित्रकूटनगर डीपीएस स्कूल के पास सुनसान क्षेत्र में उसका सौदा दीवानशाह कॉलोनी सूरजपोल निवासी अन्सार उर्फ सोनू पुत्र हरदिल अजीज, स्वराजनगर माछलामगरा निवासी इकराम उर्फ अकरम पुत्र रशीद मोहम्मद इकराम तथा मुराद पुत्र आबिद शहर के बेचे जाने की सूचना मिली। पुलिस ने नाकाबंदी कर त्वरित कार्रवाई कर अंसार पुत्र सोनू तथा इकराम को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुराद पुलिस को आता देख ट्रक को छोडक़र फरार हो गया। पूछताछ में तीनों ने ही उक्त ट्रक चोरी करना बताया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 27 दिसम्बर 2013 को विशाल मेगा मार्ट के बाहर से टाटा 407 ट्रक चुराया था, जिसे नसीराबाद ले जाकर बेच दिया। इसी तरह मुराद व इकराम ने 11 जनवरी को मीरा कला मंदिर के बाहर से टाटा 407 ट्रक चुराया तथा उसे मध्यप्रदेश ले जाकर बेच दिया। गत 21 जनवरी को मुरादम, इकराम व अंसार ने सिटी रेलवे स्टेशन के बाहर से ट्रक चोरी किया था।
तस्करी के आरोपियों से मुलाकात : ट्रक चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की मुलाकात केंद्रीय जेल में एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार नसेडी व ड्र्रग्स लेने वाले आरोपियों से हुई थी जहां उन्होंने एनडीपीएस तथा तस्करों के आकाओं के लिए चोरी के वाहन उपलब्ध कराए जाने की बातचीत की और जेल से रिहा होते ही इस काम में जुट गए।
पूर्व में दर्ज हैं कई अपराध : चोरी के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती, आम्र्स एक्ट, जुआ तथा एनडीपीएस मामलों में कई अपराध दर्ज हैं। ये लोग स्वयं के नशे के लिए पैसों की आवश्यकता पूरी करने के लिए वाहन चुराने लगे। उन्होंने एक दर्जन से अधिक अपराधों का खुलासा हुआ है।
मास्टर चाबी से चुराते वाहन : गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह मास्टर चाबी का उपयोग कर वाहन चुराते थे। जबकि ढलान में खड़े वाहन वह धक्का देकर स्टार्ट कर लेते थे। चुराए वाहनों को सुनसान क्षेत्र में खड़ा करने के बाद ग्राहक तलाशते थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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