Header Banner

भारत में विदेशों से अधिक है ह्दय रोग की आशंकाएं

BY — February 16, 2014

160202उदयपुर। भारतीय लोग खान-पान के प्रति अधिक लापरवाह है। खान-पान में एक ही प्रकार के तेल का उपयोग करना, सब्जियों में ऊपर से नमक डालना, कोल्ड ड्रिंक्स व जंक फूड का अधिक उपयोग करना आदि ऐसे अनेक कारण है जिनके कारण भारत में अमेरीका से लगभग साढ़े तीन गुना, चीन से 6 गुना व जापान से 20 गुना अधिक ह्दय रोग होने की संभावना होती है।

यह कहना है ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित खण्डेलवाल का, जो आज वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति उमंग द्वारा योग सेवा समिति परिसर में आयोजित ‘ह्दय रोग : बदलते स्वरूप व उसकी रोकथाम‘ विषयक वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में ह्दय रोग की बीमारियां वृद्धावस्था में होती थी लेकिन आज खान-पान के बदली व्यवस्था, दिनचर्या ने इस रोग में काफी बढ़ोतरी की है। अब यह रोग युवावस्था में होने लगा है जो चिंताजनक बात है।
डॉ. खण्डेलवाल ने बताया कि बालक के जन्म के 2 वर्ष बाद से ही उसमें ह्दय रोग होना प्रारम्भ हो जाता है और जब तक हद्य की धमनियों में 70 प्रतिशत तक की रूकावट नहीं आती है तब तक इस रोग का पता नहीं चलता है। मेजर हार्ट अटैक में शुरू के 3 से 6 घ्ंाटे काफी महत्वपूर्ण होते है। उस समय रोगी को यदि खून का थक्का गलाने वाली दवा तुरन्त दे दी जाए तो 32 से 64 प्रतिशत तक खून की नलियों में से रूकावट खत्म हो जाती है। एक बार अटैक आने के बाद दूसरी बार की पुन:अटैक होने की संभावना में 4 से 8 गुना बढ़ जाती है। प्राणायाम करना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है।
लक्षण- डॉ. खण्डेलवाल ने बताया कि सिर के पीछे की हड्डी से लेकर नाभि तक में यदि दर्द होता हो तो तुरन्त ह्दय रोग विशेषज्ञ से सम्पर्क करना चाहिए।
इनका उपयोग नहीं करें- तम्बाकू, शराब, ऊपर से सब्जियों में नमक न डालें, खोपरे के तेल, वनस्पति घी, पाम ऑयल खाने के काम में न लें, सन फ्लावर या सोयाबिन ऑयल का प्रयोग करें व समय-समय पर इनके प्रयोग में बदलाव लाएं। प्रतिदिन 6 ग्राम से अधिक नमक न खाएं। एक बार तेल को गर्म कर उसका प्रयोग करने के बाद उसका पुन: प्रयोग न करें। प्रयोग करने पर वह सर्वाधिक नुकसानदायक होता है।
सुझाव : प्रतिदिन फलों का प्रयोग करें, ताजी सब्जियां व सलाद का प्रयोग करें, ह्दय रोग निवारण में स्वीमिंग करना बहुत लाभदायक हैं। इससे पूर्व समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॅा. सुन्दरलाल दक ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित सदस्यों को योग एवं प्राणायाम कराया। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्यों के लिए 23 फरवरी को बालाजी हॉस्पीटल के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न प्रकार नि:शुल्क जांचें की जाएगी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply