सफाईकर्मियों को भी सम्‍मानजनक तरीके से जीने का हक

BY — February 28, 2014

सुविवि में संगोष्‍ठी का समापन

280212उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिया विश्‍वविद्यालय के समाज शास्‍त्र विभाग की ओर से सफाईकर्मियों की समस्‍याएं और चुनौतियां विषयक अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी शुक्रवार को विचार मंथन के साथ समाप्‍त हुई। संगोष्‍ठी में उभरकर आया कि देश का आर्थिक विकास तो हुआ है लेकिन सामाजिक विकास का अभाव रहा है।

280211समापन समारोह के मुख्‍य अतिथि प्रो एम एच मकवाना ने कहा कि समाज में सफार्इकर्मियों के साथ सामाजिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्‍य में भेदभाव होने के कारण वे पुरातन काल से ही सभी तरह के परिलाभों से वंचित है । इसके लिए पुरातन वर्ण व्‍यवस्‍था जिम्‍मेदार है जिसकों वर्तमान परिवेश में सुधारा जाना जरुरी है।
समापन सत्र के विशिष्‍ट अतिथि एसोसिएट डीन डा जी एस कुम्‍पावत तथा राकेश ठाकुर थे। मुख्‍य वक्‍ता प्रोजेक्ट मोहन आडवाणी ने कहा कि आज निचले तबके के लोगों के विकास और उत्‍थान के लिए प्रयास करने की आवश्‍यकता है। आडवाणी ने कहा कि अधिकांश सफाईकर्मी शिक्षित नहीं होते है इस कारण वे अपने अधिकारों के प्रति भी जागरुक नहीं हो पाते।  अध्‍यक्षता प्रो फरीदा शाह ने की। उन्‍होंने कहा कि सफाईकर्मियों को भी सम्‍माजनक तरीके से जीने का हक है इसके लिए नीति निर्माताओं को नीतियां बनाते समय इनका खयाल रखना चाहिए। आयोजन सचिव प्रो पूरनमल यादव ने प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया जबकि विभागाध्‍यक्ष प्रो मोनिका नागौरी ने अतिथियों को स्‍मृति चिन्‍ह भेंट किए। धन्‍यवाद प्रो बलवीर सिंह ने दिया। संचालन डा सुमित्रा शर्मा ने किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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