सहारा समूह के कार्यकर्ता पहुंचे कलक्ट्रेट, दिया ज्ञापन
उदयपुर। सेबी (स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) पर कथित रूप से जानबूझकर सहारा समूह के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए एक ओर सहारा समूह के कार्यकर्ताओं ने उदयपुर कलक्ट्रेट पर जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया वहीं उधर सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय को 11 मार्च तक तिहाड़ जेल भेज दिया।
जिला कलक्टर को दिए ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 1978 में छोटी सी शुरूआत करने वाला सहारा समूह गुणवत्ता व संख्या्त्मक दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा एकल परिवार है। सुब्रत रॉय ने समूह को नित नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। ग्रामीण अंचलों तक 5 हजार कार्यालयों में 12 लाख से अधिक कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। अफसोस कि देश के नियामकों में शामिल सेबी सहारा इंडिया परिवार को कुचलने का प्रयास कर रही है।
ज्ञापन में आरोप लगाया कि सेबी ने कोर्ट में ओएफसीडी के तहत ली गई राशि व उसके भुगतान के पक्ष में सहारा की ओर से पेश तथ्यों की जांच किए बिना अदालत के समक्ष गलत तथ्य रखे हैं। सेबी दोहरे भुगतान का दबाव बना रही है जो न्यायोचित नहीं है।














