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दान देने के विचारों से बनते हैं भामाशाह : लाडिया

BY — March 26, 2014

जैन सोश्यल ग्रुप भामाशाह का शपथ ग्रहण समारोह

260304उदयपुर। उद्योगपति वी. के. लाडिया ने कहा कि भामाशाह केवल पैसे देने या दान देने से नही बनते, भामाशाह बनते हैं अपने विचारों से दान देने या पैसे देने का विचार ही उन्हें भामाशाह बनाता है। वे गत रात्रि जैन सोश्यल ग्रुप भामाशाह के रोटरी बजाज भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

260305उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 वर्षों से सम्पूर्ण विश्व में आए बदलाव से लीडरशिप की परिभाषा बदल गई है, जरूरत है लीडरशिप मे टीम वर्क के रूप मे कार्य करते हुए टीम को जागरूक करने की। जब टीम अच्छा काम करती हैं तो इसका सीधा सा मतलब यह निकलता है कि टीम को लीडर ने सही लीड किया है। लाडिया ने ग्रुप की नव निर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यकारिणी में डॉ. आर. एल. जोधावत अध्यक्ष, रंजीत सिंह सरूपरिया उपाध्यक्ष, दिनेश सेठ सचिव, ललित लोढ़ा संयुक्त सचिव, भंवरसिंह बोलिया कोषाध्यक्ष तथा रोशनलाल डांगी को संस्थापकï अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। गु्रप के पूर्व अध्यक्ष गौतम सिरोया ने वर्तमान अध्यक्ष को कार्यभार सौंपा।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. जोधावत ने सभी ग्रुप पदाधिकारीयों एवं कार्यकारीणी सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि ग्रुप द्वारा जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूरी तरह निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूर्व अध्यक्ष के नेतृत्व में ग्रुप ने कई धार्मिक एवं पीडि़तों के हितार्थ कार्य किये हैं वे अनवरत जारी रहेंगे। आगामी वर्ष में ब्लड कैंप, आई कैंप, स्कूल यूनिफार्म का वितरण, मेगा हॉस्पिटल कैंप, स्वेटर वितरण, जरूरतमंदो को ट्राई-साइकिल, वृक्षारोपण के कार्य मुख्यता से किये जाएंगे। उन्होने स्थायी गतिविधियों को संचालित करने की बात पर जोर देते हुए कहा कि जैन सोश्यल गु्रप कोई अब जरूरत है स्कूल गोद लेने, पीडि़तों का निशुल्क इलाज कराने या इस तरह के किसी परमानेन्ट प्रोजेक्ट की जिससे की गु्रप का वर्चस्व सर्वत्र स्थापित हो।
260306पूर्व अध्यक्ष गौतम सिरोया ने गत वर्ष गु्रप द्वारा किये गये सेवा कार्य, धार्मिक कार्य व पीडितों के लिए किए गए कार्यों एवं गु्रप द्वारा प्रत्येक माह आयोजित होने वाली मासिक बैठको का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया। संस्थापक-अध्यक्ष रोशनलाल ड़ागी ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि फरवरी 2010 को जैन सोश्यल गु्रप भामाशाह की स्थापना की गई तथा वर्तमान मे गु्रप की पूरे विश्व मे 400 शाखाएं हैं जिसमे 70 हजार दम्पति इसके सदस्य है। उदयपुर में गु्रप की 10 शाखाएं हैं तथा यह गु्रप बंधुत्व की भावना एवं पीडि़तों की सेवा के लिए कटिबद्ध हैं। समारोह का शुभारम्भ अतिथियों के दीप प्रज्जवलन से हुआ। गु्रप सदस्य निर्मला सामर ने कविता पाठ, आशा पोरवाल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सफल संचालन ब्रजेन्द्र सेठ व धन्यवाद ग्रुप सचिव दिनेश सेठ ने दिया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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