– विद्यापीठ के चांसलर की कुर्सी को लेकर दो गुट आमने-सामने, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके दोनों गुटों को खदेड़ा
उदयपुर। राजस्थान विद्यापीठ के चांसलर को इस्तीफा दिये 24 घंटे भी नहीं बीते कि कुर्सी को हथियाने के लिए मसल्स पावर का इस्तेमाल किया गया। गत दिनों हड़ताल के चलते विद्यापीठ के कर्मचारी और छात्र नेता दो गुट में बंट गए।
कल चांसलर भवानी शंकर गर्ग के त्यागपत्र और कार्यवाहक चांसलर को कार्यभार संभलाने के बाद विवाद और गहरा गया। सुबह सलेटिया ग्राउंड स्थित चांसलर ऑफिस के बाहर दोनों गुट आमने-सामने हो गए, जिन्हें खदेडऩे के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। मौके पर भारी जाब्ता तैनात है और दोनों गुट आमने-सामने हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों दस सूत्री मांगों को लेकर विद्यापीठ कर्मचारी संघ की तरफ से विद्यापीठ में बेमियादी हड़ताल की घोषणा की गई थी। इनकी मुख्य मांग 60 वर्ष से ऊपर के कर्मचारियों को पद मुक्त करने की मांग मुख्य थी, जिसको कल वीसी सारंगदेवोत ने स्वीकार कर लिया। इसी बीच चांसलर भवानीशंकर गर्ग ने चांसलर पद से इस्तीफा दे दिया। श्री गर्ग स्वयं कुल के संरक्षक बन गए और कार्यवाहक चांसलर प्रफुल्ल नागर को बना दिया।

आज सुबह जब प्रफुल्ल नगर चांसलर का पदभार ग्रहण करने आए, तो दूसरे गुट के वाइस चांसलर एसएस सारंगदेवोत, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र राजोरा, कौशल नागदा, कुंज बाल शर्मा व कई नेता वहां पहुंच गए और प्रफुल्ल नागर को नियम विरूद्ध चांसलर बनाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस गुट ने प्रफुल्ल नागर को कार्यभार ग्रहण नहीं करने दिया और चांसलर ऑफिस पर ताला लगा दिया। इधर प्रफुल्ल नागर विजयसिंह पंवार, लक्ष्मीनारायण नंदवाना के समर्थन में छात्र नेता पंकज चौधरी कुछ छात्रों के साथ आ गए। दोनों गुट टाउनहॉल की मुख्य सडक़ पर आमने-सामने हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव किया, लेकिन दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी चलती रही। कई बार दोनों गुट पुलिस के सामने ही मरने मारने पर उतारू हो गए। जब स्थिति बिगड़ती देखी, तो डिप्टी गोवर्धनलाल खटीक ने जाब्ते के साथ हल्का बल प्रयोग कर दोनों गुटों को वहां से खदेड़ दिया।














