दो सौ करोड़ का व्यापार प्रभावित

BY — December 3, 2014

देशव्यापी हड़ताल के चलते बंद रहे बैंक

031204उदयपुर। बैंककर्मियों की देशव्यापी हड़ताल के तहत नॉर्दर्न जोन में बुधवार को बैंक बंद है। हड़ताल में सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने गैर सरकारी बैंककर्मियों को भी शामिल किया। उदयपुर में बैंक बंद रहने से करीब दो सौ करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। सुबह बैंक तिराहे पर प्रदर्शन कर सद्बुद्धि यज्ञ किया। फिर शास्त्री सर्किल पर रक्तदान शिविर भी लगाया गया।

031203दसवें वेतन समझौते को लेकर भारतीय बैंक परिसंघ, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच उप मुख्य श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में हुई समझौता वार्ता फिर विफल हो गई जिसके बाद बैंककर्मियों ने देशव्यापी हड़ताल के तहत आज पूरे नार्थ जोन बैंकों में हड़ताल रखी। सरकारी बैंकों के साथ निजी बैंक भी सुबह से बंद रहे। विरोध स्वरूप बैंककर्मी सुबह 9 बजे से ही बैंक तिराहे पर जमा होना शुरू हो गए और सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन भी किया। 11 बजे से करीब घंटे भर तक बैंक तिराहे पर जमकर प्रदर्शन किया। शास्त्री सर्कल स्थित यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर रक्तदान शिविर लगाया गया।

031205यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक डीके जैन ने बताया कि प्रदर्शन भारतीय बैंक संघ व केन्द्र सरकार के खिलाफ किया जा रहा है। कर्मचारियों ने गत 12 नवम्बर को भी हड़ताल की थी। उससे पूर्व भी इस वर्ष में कई बार हड़ताल की जा चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है।
पांच दिसंबर को अंतिम प्रदर्शन के बाद एक बार फिर भारतीय बैंक संघ व केन्द्र सरकार के बीच वार्ता होगी। वार्ता में किसी प्रकार की समझाईश नहीं होती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। बताया गया कि दसवें वेतन आयोग के दौरान कर्मचारियों ने वेतन में लगभग 40 प्रतिशत की मांग की थी जिसके बाद उन्होंने घटाकर 30 प्रतिशत कर दी लेकिन भारतीय बैंक संघ व केन्द्र सरकार ने दसवें वेतन आयोग के दौरान केवल 11 प्रतिशत वृद्धि की ही बात की जो यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स को मंजूर नहीं है।
सरकार को नहीं जरूरतमंद को दें रक्त
ऑल इंडिया यूनियन बैंक ऑफिसर्स फैडरेशन की ओर से बैंक हड़ताल के दौरान शास्त्री सर्किल पर सुबह 11 बजे रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें अधिकारी जीएस राणावत, धीरज शर्मा, रवि हिंदुजा, रितेश कुमार खेतावत आदि ने रक्तदान किया। ऑफिसर्स फैडरेशन का कहना था कि सरकार को रक्त देने से बेहतर है कि जरूरतमंदों को खून दें।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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