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पीपल के पत्तों पर बने गिफ्ट आइटम ने लुभाया

BY — January 10, 2015

रूडा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दस दिवसीय क्राफ्ट मेला

100110 उदयपुर। शुभ माने जाने वाले पीपल के पत्तों पर लगे क्लोरोफिल को केमीकल से हटाकर उसे आकर्षक जालीनुमा रंग बिरंगा बना दिया जाता है ताकि उसे मनचाहा गिफ्ट का रूप दिया जा सकें। मेले में नेचुरल उत्पादों से बने गिफ्ट आइटम जनता के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं।

रूडा (रूरल नॉन फार्म डवलपमेंट एजेंसी) द्वारा टाऊनहॉल में आयोजित राष्ट्रीय दस दिवसीय क्राफ्ट मेला-2015 में पहली बार भाग ले रहे दस्तकार पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के मुकुन्दपुर क्षेत्र के निताई चोरण खान ने बताया कि 17 वर्ष पूर्व छोटे स्तर पर  कारोबार प्रारम्भ किया जो अब विस्तार का रूप लेता जा रहा है। नेचुरल उत्पादों बाजरे के फूल,मून्नी घास,जूट, बेम्बू आदि का उपयोग गिफ्ट आइटम को बनाने में लिया जाता है। बाजरे के फूल पर इस प्रकार का केमीकल लगाकर उसे इतना ठोस बना दिया जाता है कि वह जड़ता नहीं है। प्राकृतिक मून्नी घास 50 वर्षो तक खराब नहीं होती है।
100111इस कार्य में 4 लोगों को रोजगार देने वाले निताई बताते है कि इस स्टॉल पर 30 रुपए से लेकर 450 रुपए तक के हेण्डीक्राफ्ट के गिफ्ट आइटम उपलब्ध है। यहां पर सेन्ट्रल टेबल डेकोरेटिव, वॉल हेगिंग पीस, बंदनवार आदि को इसे प्रकार से बनाया गया कि वे दूर से ही लुभाते है। अब तक गोवा, केरल, उत्तरप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगे मेलों में भाग ले चुके निताई ने बताया कि उनके उत्पादों को जनता द्वरा बहुत ही पसन्द किया जाता है। रूडा के महाप्रबन्धक दिनेश सेठी ने बताया कि इस बार मेले में देश के विभिन्न स्थानों के दस्तकार अपने नवीनतम उत्पाद लेकर आये हैं।
सांस्कृतिक संध्या में उमड़े मेलार्थी
रूडा (रूरल नॉन फार्म डवलपमेंट एजेंसी) व पर्यटन विभाग राजस्थान की ओर से टाऊनहॉल में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला ‘गांधी शिल्प् बाजार 2015’ में शुक्रवार व शनिवार को दो दिवसीय राजस्थानी संास्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
राजस्थानी संस्कृति से ओत-प्रोत इस संास्कृतिक में समीचा गोगुन्दा से आये धरमी देवी एवं हरिओमदास एण्ड पार्टी की ओर से कलाकारों ने तेराताल, भंवई,चरी एवं घूमर नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना ओ राजगणनायकी पधारो.. से हुईं। तत्पश्चात महिला कलाकारों ने भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का मत करना…. गीत पर तेराताल,जट नच म्हारा कलूड़ा ..पर भंवई नृत्य,चिमीरा रा डाला चार म्हारी जाऊं चीरमी रा.. गीत पर चरी नृत्य तथा म्हारी घूमर छै नखराली रे.. गीत पर घूमर नृत्य की प्रस्तुतियां दी। रूडा के महाप्रबन्धक दिनेश सेठी ने बताया कि मेलार्थियों ने मनोरंजन के लिए इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम का संचालन पियूष रावल ने किया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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