लिक्विडिटी ऑफ मनी की जरूरत पड़ेगी जीएसटी में : धारीवाल

BY — January 10, 2015

– जीतो की ओर से जीएसटी विषयक सेमिनार

100108उदयपुर। जीतो अपेक्स के मेम्बर सीए संजय एम धारीवाल ने कहा कि गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को सरकार लागू करने पर विचार कर रही है। हालांकि अभी संसद, राज्यसभा और विभिन्न राज्यों को इसे भेजा जाएगा। उसके बाद संभवत: 2016 तक यह लागू होगा लेकिन सभी चार्टर्ड अकाउंटेट्स को इसके लिए अभी से तैयार रहना चाहिए। सीए आर्टिकलशिप कर रहे युवाओं सहित हाल ही में प्रेक्टिस करना शुरू करने वाले चार्टर्ड्स को इसके बारे में जानकारी लेनी चाहिए।

वे जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के उदयपुर चैप्टर की ओर से शनिवार दोपहर होटल गोरबंध में गुड्स एंड सर्विस टैक्स विषयक आयोजित वार्ता को संबोधित कर रहे थे। सेमिनार में मौजूद शहर के उद्योगपतियों, व्यवसायियों, सीए की आर्टिकलशिप कर रहे युवाओं से उन्होंने आह्वान किया कि वैट लागू करते समय भी किसी को समय नहीं मिला। लागू होने वाले वर्ष से दो वर्ष पूर्व जब ऐसे सेमिनार हुए तो सभी ने कहा कि वैट के बारे में बात करना अभी बहुत जल्दी है लेकिन जब लागू हो गया तो किसी को समय नहीं मिल पाया और केन्द्र के पुनर्भरण का उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। ठीक उसी प्रकार की परिस्थितियां अभी हैं। वरिष्ठ सीए के पास अपने काम से फुर्सत नहीं है लेकिन आप जूनियर सभी सीखने वालों के लिए बहुत समय है। आपके पास वरिष्ठ से भी अधिक ज्ञान हो सकता है बशर्ते जीएसटी की जानकारी कर लें। वरिष्ठ सीए के पास एक्साइज, वैट, सर्विस टैक्स, सेल्स टैक्स, लग्जरी टैक्स आदि की जानकारी होगी लेकिन आप अपनी विशेषज्ञता जीएसटी में कर सकते हैं।
100109उन्होंने कहा कि जीएसटी के काफी बेनीफिट हैं। कंज्यूमर, इंडस्ट्री और स्टेट तीनों को इसमें फायदा होगा। अमूमन यह माना जाता है कि कंज्यूमर, इंडस्ट्री को फायदा होगा तो सरकार को नुकसान, कंज्यूमर, इंडस्ट्री को नुकसान होगा तो सरकार को फायदा लेकिन जीएसटी में तीनों को न सिर्फ फायदा होगा बल्कि कारोबारी का व्यापार भी बढ़ेगा। इनपुट सर्विस टैक्स का फायदा होगा। अब तक उपर में चल रहा ट्रांजेक्शन ऑफ कॉस्ट अकाउंट्स में होगा।  इससे अमाउंट ऑफ कलेक्शन बढ़ेगा। आरंभ में केन्द्र पुनर्भरण करेगा। बिजनेस कंसेप्ट चेंज हो जाएगा। ट्रांजिक्शनल चैलेंज सीखना पड़ेगा। जीएसटी के बाद इनपुट के्रडिट एंड आउटपुट टैक्स के बारे में काफी बदलाव आएगा।
उदयपुर की दो मुख्य मार्बल एवं पर्यटन इंडस्ट्री है। डेढ़ करोड़ रुपए के उपर टर्नओवर पर सीजीएसटी (सेन्ट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स) देखेगा तो डेढ़ करोड़ से नीचे वाले को एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) देखेगा। व्यापारी को लिक्विडिटी ऑफ मनी बढ़ानी पड़ेगी। दस प्रतिशत सीजीएसटी और 12 प्रतिशत एसजीएसटी देना होगा। फिर उसका पुनर्भरण होगा लेकिन उसमें दो-तीन या छह माह भी लग सकते हैं तो फायदा तो होगा लेकिन एक बार अपनी मनी को लिक्विड करना होगा। अभी इनका एडमिनिस्टे्रशन क्या होगा? यह क्लियर नहीं है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जीतो के एफसीपी मेम्बर तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलिल लोढ़ा एवं राष्ट्रीय सचिव पंकज ओस्तवाल ने सेमिनार में शिरकत की।
जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाईजेशन उदयपुर चेप्टर के अध्यक्ष शांतिलाल मारू ने शब्दों से अतिथियों का स्वागत किया। सचिव राजकुमार फत्तावत ने शॉर्ट नोटिस पर बुलाए गए इस सेमिनार में सभी आगंतुकों का हृदय की असीम गहराइयों से स्वागत किया। साथ ही गत 31 मई 2014 को जीतो के उदयपुर चैप्टर के गठन के बाद सात माह में अब तक किए गए कार्यक्रमों की जानकारी दी।
आयोजन में सहयोगी कपिल इंटोदिया ने मुख्य वक्ता संजय एम. धारीवाल का परिचय दिया। अभिषेक संचेती ने धन्यवाद देते हुए आगंतुकों एवं अतिथियों के प्रति आभार जताया। बेंगलुरु के कंपनी लॉ के एक्सपर्ट रविप्रसाद का मेवाड़ी पगड़ी, माल्यार्पण और उपरणा ओढ़ाकर शांतिलाल मारू, शांतिलाल मेहता एवं अर्जुन खोखावत ने अभिनंदन किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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