केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने हिन्दुस्तान ज़िंक के दरीबा स्मेल्टिंग काम्प्लेक्स का किया दौरा
विश्व की शीर्ष चांदी उत्पादक खदानों में से एक एसके माइन, दरीबा स्मेल्टिंग की संचालन प्रणाली और तकनीक सहित कर्मचारियों और सामुदायिक विकास की पहल से हुए रूबरू
उदयपुर। कोयला और खान मंत्रालय के माननीय केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राजस्थान में हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और विश्व की शीर्ष चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान ज़िंक की सिंदेसर खुर्द माइन और दरीबा स्मेल्टिंग की संचालन प्रणाली, आधुनिक तकनीक, श्रमिकों कर्मचारियों के सुविधाओं सहित कंपनी द्वारा सामुदायिक विकास के लिए किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली। इस यात्रा ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में कंपनी की भूमिका को एक बार फिर से दोहराया है। हिन्दुस्तान ज़िंक प्रति वर्ष 1.1 मिलियन टन से अधिक धातु उत्पादन के साथ देश के महत्वपूर्ण खनिजों की क्षमता को सामने ला रही है, घरेलू वैल्यू चेन को मजबूत बना रही है और इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी व भविष्य के उद्योगों के लिए आवश्यक धातुओं के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बना रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कंपनी की विश्व सबसे बड़ी और आधुनिक अंडरग्राउंड चांदी खदानों में से एक सिंदेसर खुर्द माइन में एवं दरीबा स्मेल्टिंग में दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। यहाँ उन्होंने कंट्रोल रूम, सेल हाउस और कैथोड यार्ड का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने हिन्दुस्तान ज़िंक की प्रोडक्ट गैलरी देखी। सिंदेसर खुर्द माइन के कॉन्फ्रेंस हॉल में उन्हें एक विशेष वीडियो और प्रेजेंटेशन के जरिए खदान के इतिहास, क्षमता, सुरक्षा नियमों, पेस्ट फिलिंग और टेली-रिमोट ऑपरेशन्स की जानकारी दी गई। उन्होंने कंट्रोल रूम का दौरा किया और रिमोट से चलने वाली मशीनों व उपकरणों को देखा जहां आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, उन्होनें देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम के लाइव डेमो को भी सराहा। इस दौरान हिन्दुस्तान ज़िंक के सीईओ अरुण मिश्रा और कोयला एवं खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक बाजपेयी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि हिंदुस्तान ज़िंक का संचालन यह दिखाता है कि भारत एक आधुनिक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर माइनिंग क्षेत्र बनाने की दिशा में किस प्रकार प्रगति कर रही है। कंपनी का आधुनिक टेक्नोलॉजी, बेहतरीन कामकाज, सुरक्षा और सामाजिक विकास पर बल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 के सपने के अनुरूप है। जैसे-जैसे भारत अपने महत्वपूर्ण खनिजों की वैल्यू चेन को मजबूत कर रहा है, इसी प्रकार टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे मिले-जुले प्रयास देश में जिम्मेदार खनन, घरेलू क्षमता को बढ़ाने और सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में एक बड़ी भूमिका निभाएंगे।

श्रमिकों के साथ लिया दोपहर का भोजन : श्री रेड्डी ने सिंदेसर खुर्द माइन की वर्कर कैंटीन में 54 ‘ज़िंक रत्न‘ श्रमिकों के साथ दोपहर का भोजन किया। सिंदेसर खुर्द माइन की कैंटीन में दोपहर के भोजन के दौरान, उन्होंने महिला माइनिंग इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने हिन्दुस्तान ज़िंक की बेहतरीन कार्यप्रणाली और भारत के माइनिंग क्षेत्र की तरक्की में उनके योगदान की सराहना की।
सीएसआर स्टॉल का अवलोकन कर समुदाय विकास को सराहा : केंद्रीय मंत्री ने हिन्दुस्तान ज़िंक की सीएसआर स्टॉल का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने कंपनी द्वारा समुदाय के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इनमें मुख्य रूप महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने का प्रयास हेतु संचालित सखी, बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए, शिक्षा संबल और ऊंची उड़ान, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संचालित मोबाइल हेल्थ वैन और कैंसर स्क्रीनिंग के जरिए इलाज पहुँचाना एवं ग्रामीणों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्घता के लिए संचलित आरओ वॉटर एटीएम की सुविधा, ज़िंक फुटबाॅल अकादमी की महिला खिलाड़ियों से बातचीत एवं परियोजनाओं जानकारी ली। उन्होंने कंपनी के प्रमुख कार्यक्रम ऊँची उड़ान से लाभान्वित युवाओं से भी बातचीत की। ये युवा आज कोल इंडिया जैसी बड़ी कंपनी में काम कर रहे हैं और एक सफल करियर बना चुके हैं। यह हिन्दुस्तान ज़िंक की शिक्षा से जुड़ी सामाजिक पहलों के दूरगामी परिणाम को दर्शाता है। इस प्रकार की पहलों से परिलक्षित होता है कि हिन्दुस्तान ज़िंक अपने बिजनेस को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में एक स्थायी और बड़ा बदलाव लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दौरे के दौरान श्री रेड्डी ने दरीबा माइंस की महिला कर्मचारियों से चर्चा में माइनिंग के क्षेत्र में महिलाओं की सशक्त भूमिका पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि किस प्रकार महिलाएं देश की प्रगति में टेक्नोलाॅजी के साथ आगे बढ़ सकती है। हिन्दुस्तान ज़िंक केवल माइनिंग और स्मेल्टिंग में ही आगे नहीं है, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करके, पर्यावरण संरक्षण, कम कार्बन उत्सर्जन और पानी की बचत और स्थानीय समुदायों को साथ लेकर देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में बड़ा योगदान दे रही है। यह दौरा भारत को खनिज सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। माइनिंग से लेकर मेटल बनाने तक के कंपनी के इस पूरे नेटवर्क ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है और आसपास रहने वाले लोगों को अवसर प्रदान किये हैं। इस दौरे ने हिन्दुस्तान ज़िंक के उस नजरिए को और मजबूत किया है जिसमें काम की बेहतरी के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, पर्यावरण सुरक्षा और समाज का विकास एक साथ जुड़े हैं। आज जब भारत महत्वपूर्ण खनिजों, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और मजबूत सप्लाई चेन के भविष्य की तरफ बढ़ रहा है, तब हिन्दुस्तान ज़िंक का पूरा ध्यान जिम्मेदार माइनिंग करने, बेहतरीन मेटल्स बनाने, राजस्थान के विकास में मदद करने और भारत को विकसित भारत बनाने के सफर में योगदान देने पर है।
















